
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ईएनटी विभाग में सुनने से जुड़ी जरूरी जांचें जैसे बेरा (BERA) और ऑडियोमैट्री (Audiometry) सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है मशीनों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी।
जांच के लिए मशीनें हैं, पर चलाने वाले नहीं
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बेरा जांच के लिए अस्पताल में 4 मशीनें तो हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए सिर्फ 2 तकनीशियन हैं।
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ऑडियोमैट्री जांच के लिए पहले 3 तकनीशियन थे, लेकिन उनमें से एक जुलाई 2023 में रिटायर हो गए।
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उनके सेवा विस्तार के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है, पर अब तक कोई जवाब नहीं आया।
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स्पीच थेरेपी के लिए भी एक स्पीच थैरेपिस्ट की कमी है।
विभाग पर काम का भारी बोझ
ईएनटी विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में आम मरीज आते हैं। इसके अलावा विभाग को मेडिकल बोर्ड से जुड़े मामलों का भी काम करना पड़ता है, जैसे:
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दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाना
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वरिष्ठ नागरिकों की जांच
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सरकारी नौकरियों के लिए मेडिकल परीक्षण
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एमएलसी और अन्य प्रमाण पत्र तैयार करना
राज्य भर से आते हैं रेफर मरीज
SMS अस्पताल में राजस्थान के कई जिलों से मरीज रेफर होकर आते हैं। हर दिन:
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बेरा जांच के लिए 15-20 अतिरिक्त केस
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ऑडियोमैट्री जांच के लिए 35-40 अतिरिक्त केस
हर महीने कुछ जिलों से आने वाले केस इस प्रकार हैं:
| अस्पताल / क्षेत्र | रेफर केस (प्रति माह) |
|---|---|
| कांवटिया अस्पताल, जयपुर | 90 |
| जेएलएन, अजमेर | 60 |
| कोटपूतली-बहरोड़ | 26 |
| टोंक | 34 |
| दौसा-गंगापुर | 24 |
| सवाई माधोपुर | 18 |
| आरयूएचएस, जयपुर | 15 |
| जमवारामगढ़ | 06 |
| बस्सी | 07 |
| चौमू | 03 |
| धौलपुर | 12 |
| अलवर | 23 |
| भरतपुर | 27 |
| करौली-हिण्डौन | 23 |
| चूरू | 03 |
| भीलवाड़ा | 09 |
| जयपुर ग्रामीण | 06 |
निष्कर्ष
SMS अस्पताल में सुनने की समस्याओं से जूझ रहे मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन तकनीशियन और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द स्टाफ की भर्ती और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके।
