एंडसरन-तेंदुलकर ट्रॉफी के ठीक अगले दिन, 5 अगस्त को इंग्लैंड के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में “द हंड्रेड 2025” टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। इस ओपनिंग डे पर पुरुष और महिला दोनों टीमों के बीच लंदन स्पिरिट्स और ओवल इनविंसिबल्स आमने-सामने रहीं।
द हंड्रेड इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा शुरू किया गया एक खास टूर्नामेंट है, जो पहली बार 2021 में खेला गया था। 2025 इसका 5वां सीजन है। इसमें हर टीम एक पारी में 100 गेंदें ही खेलती है, जबकि टी20 में 120 गेंदें होती हैं।
टी20 में एक गेंदबाज 4 ओवर (24 गेंद) फेंकता है, लेकिन द हंड्रेड में एक गेंदबाज 20 गेंदों से ज्यादा नहीं डाल सकता। एक गेंदबाज एक बार में लगातार 5 या 10 गेंदें डाल सकता है।
टी20 में पावरप्ले 6 ओवर का होता है, जबकि हंड्रेड में यह सिर्फ 25 गेंदों का होता है।
इस साल पुरुष और महिला दोनों का फाइनल मुकाबला 31 अगस्त को लॉर्ड्स में ही खेला जाएगा।
2025 के सीजन से पहले सभी 8 फ्रेंचाइजी निजी निवेश के लिए खोल दी गई थीं, जिनमें से 4 टीमें भारतीय मालिकों ने खरीदी हैं।
हालांकि ECB ने इसे मॉडर्न स्टाइल में लॉन्च किया है, लेकिन कई इंग्लैंड के फैन्स इससे खुश नहीं हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा, “माफ कीजिए, लेकिन द हंड्रेड बेकार है।”
दूसरे यूजर ने लिखा, “इस लीग की कोई कहानी नहीं बनती, न ही खिलाड़ी उभरकर सामने आते हैं। यह बस एक अजीब और उलझा हुआ फॉर्मेट है।”
भले ही सबको यह फॉर्मेट पसंद न आ रहा हो, लेकिन द हंड्रेड ने क्रिकेट की दुनिया में एक नया अंदाज जरूर पेश किया है और युवा दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश की है।

