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UNSC बैठक की धमकी से बढ़ा तनाव: पाकिस्तान बोला – ‘हमें अधिकार है’

pakistan in unsc

इस्लामाबाद/संयुक्त राष्ट्र:
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर उफान पर है। इस बीच पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाने की संभावना जताकर राजनयिक हलचल तेज कर दी है।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने बयान दिया है कि पाकिस्तान को यह अधिकार है कि वह परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की पहल कर सके।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर नया दबाव

अहमद ने कहा कि पाकिस्तान इस घटनाक्रम पर बेहद सजग नजर बनाए हुए है, और UNSC के मौजूदा व पूर्व अध्यक्षों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुका है। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ भारत-पाक के बीच का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए भी एक चुनौती बन सकता है।

“हमने परिषद के कई सदस्यों से बातचीत की है। अगर हमें उचित समय लगेगा तो हम यह बैठक बुलाने के लिए पूरी तरह वैध और सक्षम हैं,” — असीम इफ्तिखार अहमद


जुलाई में UNSC अध्यक्षता पाकिस्तान के पास

पाकिस्तान वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और जुलाई 2025 में उसे परिषद की मासिक अध्यक्षता मिलने जा रही है। इस पृष्ठभूमि में उसका यह दावा कि वह बैठक बुला सकता है, राजनयिक दांवपेच के रूप में देखा जा रहा है।


हमले की पृष्ठभूमि में बयान

पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया उस आतंकी हमले के बाद आई है, जिसमें पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। भारत ने इस घटना के बाद पाकिस्तान पर सीधे या अप्रत्यक्ष समर्थन के आरोप लगाए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहराया है।


भारत का संभावित रुख

भारत इस घटनाक्रम को आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ अपनी वैश्विक मुहिम के संदर्भ में देख रहा है और पाकिस्तान की UNSC बैठक की मांग को राजनीतिक चाल मान सकता है। भारत की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उसके पहले के रुख को देखते हुए यह स्पष्ट है कि वह इस मामले को आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के चश्मे से ही देखेगा।


निष्कर्ष: कूटनीति का नया मोर्चा

जहां एक ओर पहलगाम हमले ने भारत को गुस्से में ला दिया है, वहीं पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। UNSC बैठक की यह मांग आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में एक और कूटनीतिक मोड़ ला सकती है।

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