नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। इस सिलसिले में भारत अब पाकिस्तान की आतंकवाद में भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर करने के लिए तैयार है। सूत्रों के अनुसार, भारत अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ नए प्रमाण पेश करेगा।
UNSC की प्रतिबंध समिति में रखे जाएंगे सबूत
आगामी सप्ताह UNSC की 1267 प्रतिबंध समिति की बैठक प्रस्तावित है, जहां भारत की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल विशेष साक्ष्य प्रस्तुत करेगा। ये साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि पाकिस्तान की धरती से सक्रिय आतंकी संगठनों का नेटवर्क किस तरह भारत में हमले अंजाम दे रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर – आतंकियों को माकूल जवाब
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन के अंतर्गत पाकिस्तान में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि proactive रणनीति अपना चुका है।
सीजफायर के बीच सतर्क है भारत
हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने स्वागत योग्य कदम बताया है, लेकिन भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों में कोई ढील नहीं दी है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमा के कमांडरों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अतिक्रमण या आतंकी गतिविधि का तुरंत और कठोर जवाब दिया जाए।
भारत का रुख – साफ और सख्त
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब आतंकवाद के खिलाफ न केवल सीमाओं पर जवाब देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मजबूती से अपनी बात रखेगा। पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भारत का उद्देश्य अब वैश्विक सहानुभूति हासिल करने से कहीं आगे बढ़ चुका है – अब लक्ष्य है ठोस कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही सुनिश्चित कराना।
निष्कर्ष:
भारत की इस नई पहल से न केवल आतंकवाद के खिलाफ उसकी वैश्विक छवि और मजबूत होगी, बल्कि पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ेगा। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर प्रमाणों के साथ भारत की सक्रियता, वैश्विक कूटनीति में उसके नए आत्मविश्वास की झलक देती है।

