उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि सड़कों पर ठंडक के लिए पानी की फुहार (स्प्रिंकलिंग) करवाई जा रही है, ताकि तापमान को कुछ हद तक कम किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।
इस बीच ओडिशा का झारसुगुड़ा देश का सबसे गर्म इलाका बन गया है, जहां तापमान 44.6°C तक पहुंच गया। तेज धूप और लू के चलते दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई जगहों पर दोपहर में काम रोकने के निर्देश दिए हैं, यहां तक कि जनगणना जैसे जरूरी कार्य भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गर्मी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे दोपहर में घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और खुद को धूप से बचाकर रखें।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर जारी है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।

