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गांधीनगर में न जनता क्लीनिक खुला, न पुलिस चौकी, लोग परेशान

आबूरोड के गांधीनगर क्षेत्र में लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस चौकी की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्र की हजारों की आबादी परेशान है।

जनता क्लीनिक का प्रस्ताव, लेकिन काम शुरू नहीं

  • स्वास्थ्य विभाग ने जनता क्लीनिक खोलने का प्रस्ताव दिया है।

  • अधिकारी पहले ही क्षेत्र में स्थान का निरीक्षण कर चुके हैं।

  • लेकिन अब तक क्लीनिक खोलने का कोई काम नहीं हुआ।

  • लोगों को इलाज के लिए 3 से 5 किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ता है।

  • खासकर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए यह बड़ी समस्या है।

पुलिस चौकी के लिए जमीन आवंटित, फिर भी नहीं खुली

  • 7 साल पहले ही नगरपालिका ने शिवाजी कॉलोनी में पुलिस चौकी के लिए जमीन दे दी थी।

  • फिर भी अब तक पुलिस चौकी शुरू नहीं हुई।

  • पूर्व में अस्थाई पुलिस चौकी खोली गई थी, लेकिन कुछ समय बाद बंद कर दी गई।

  • पुलिसकर्मियों की कमी के कारण चौकी शुरू नहीं हो पा रही।

क्षेत्र की स्थिति और जरूरतें

  • गांधीनगर में स्कूल, रेलवे डीजल शेड, आवासीय कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र हैं।

  • नेशनल हाईवे-27 भी यहां से गुजरता है।

  • आसपास कई कॉलोनियां हैं, जहां सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है।

  • जनता क्लीनिक और पुलिस चौकी खुलने से हजारों लोग लाभान्वित होंगे।

जनप्रतिनिधियों की राय

👉 मगनदान चारण, पालिकाध्यक्ष:
“प्रेमनगर में खाली पड़े सरकारी स्कूल भवन का नवीनीकरण कर जनता क्लीनिक खोला जाएगा। पुलिस चौकी के लिए एसपी से बात की थी, लेकिन पुलिसकर्मियों की कमी के कारण अब तक नहीं खुल पाई। फिर भी प्रयास जारी हैं।”

👉 अर्जुन सिंह, पार्षद (वार्ड-27):
“हमने पालिकाध्यक्ष और चिकित्सा विभाग की टीम के साथ प्रेमनगर का निरीक्षण किया। जनता क्लीनिक खुलने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। पुलिस चौकी का मामला अभी अटका हुआ है।”

👉 शमशाद अली अब्बासी, पार्षद (वार्ड-26):
“हमने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी इस बारे में बताया था, और जनता क्लीनिक खोलने के आदेश आ चुके हैं। पहले अस्थाई पुलिस चौकी भी थी, लेकिन अब इसे दोबारा खोलने की जरूरत है।”

अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक जनता की इन मांगों को पूरा करता है।

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