इस्लामाबाद/क्वेटा:
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक ऐसा वीडियो जारी किया है, जिसने पाकिस्तान की आधिकारिक कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 35 मिनट के इस वीडियो में बताया गया है कि जाफर एक्सप्रेस नाम की यात्री ट्रेन का कैसे योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया, और कैसे यात्रियों को बंधक बनाकर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दी गई।
‘दर्रा-ए-बोलन 2.0’: दो दिनों तक चला था ट्रेन अपहरण मिशन
11 मार्च को बलूच विद्रोहियों ने पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को बलूचिस्तान के एक संवेदनशील क्षेत्र में हाईजैक कर लिया था। इस ट्रेन में लगभग 450 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अधिकारी भी शामिल थे।
बीएलए ने इस ऑपरेशन को कोडनेम ‘दर्रा-ए-बोलन 2.0’ दिया और अब उसकी मीडिया शाखा हक्कल ने इसका विस्तृत वीडियो साझा किया है।
क्या दिखाया गया है वीडियो में?
वीडियो में आप देख सकते हैं:
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किस तरह से विद्रोहियों ने हमले की पूर्व-योजना बनाई।
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कैसे बम लगाकर रेलवे ट्रैक उड़ाया गया, जिससे ट्रेन रुक गई।
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फिर किस तरह से यात्रियों को बंधन में लिया गया, और
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विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला गया – जो पाकिस्तानी सेना के दावों के विपरीत है।
इसमें BLA के लड़ाकों को रणनीतिक तरीके से ट्रेन पर नियंत्रण करते हुए और सटीक सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए दिखाया गया है।
पाकिस्तानी दावों का खंडन
पाकिस्तान सरकार और सेना ने पहले दावा किया था कि इस हमले के जवाब में उन्होंने BLA को भारी नुकसान पहुंचाया। लेकिन वीडियो में इसके कोई प्रमाण नहीं दिखते। इसके उलट, बलूच लड़ाकों को संगठित और आत्मविश्वासी दिखाया गया है।
BLA का बयान: “हमारे पास विकल्प नहीं बचे हैं”
वीडियो की शुरुआत में एक BLA कमांडर यह कहता है:
“हमारे संघर्ष की यह स्थिति अब निर्णायक मोड़ पर है। ऐसे कदम अब ज़रूरी हो गए हैं। यह लड़ाई बंदूक से बंदूक तक की है, क्योंकि अब संवाद के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं।”
निष्कर्ष:
जाफर एक्सप्रेस हाईजैक ऑपरेशन को लेकर जारी यह वीडियो न सिर्फ पाकिस्तान की आधिकारिक रिपोर्ट पर सवाल उठाता है, बल्कि बलूचिस्तान में दशकों से चल रहे अलगाववादी संघर्ष की गंभीरता और संगठित रूप को भी उजागर करता है।

