हाल ही में WWE सुपरस्टार कैरियन क्रॉस और उनकी पत्नी स्कारलेट बोर्डो के कंपनी छोड़ने की खबर ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी। फैंस ने WWE के इस मामले को संभालने के तरीके पर नाराज़गी जताई।
यह घटना समरस्लैम से ठीक पहले हुई थी। समरस्लैम से एक दिन पहले कैरियन क्रॉस की आखिरी फाइट सामी जेन के खिलाफ हुई, जिसमें क्रॉस को हार का सामना करना पड़ा। इसके तुरंत बाद उन्होंने और स्कारलेट ने WWE छोड़ने का फैसला लिया। हालांकि कई लोगों को यह फैसला चौंकाने वाला नहीं लगा, लेकिन फैंस का मानना था कि WWE को यह स्थिति थोड़े बेहतर तरीके से हैंडल करनी चाहिए थी।
कैरियन क्रॉस ने बाद में खुलासा किया कि WWE ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन इसके साथ एक अजीब शर्त भी रखी गई – उन्हें सिर्फ 24 घंटे में फैसला लेना था। क्रॉस के अनुसार, इतनी जल्दी में किसी बड़े फैसले पर पहुँचना आसान नहीं था।
उन्होंने बताया कि वह इस ऑफर को समझना चाहते थे और जानना चाहते थे कि कंपनी ने उनकी सैलरी और कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें तय कैसे कीं। वह आंकड़े और जानकारी मांग रहे थे ताकि सही निर्णय ले सकें। लेकिन WWE ने उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।
कैरियन क्रॉस ने कहा – “मुझे ऑफर मिला, लेकिन मैं यह जानना चाहता था कि उन्होंने इसकी वैल्यू कैसे तय की। मैंने आंकड़े मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे पास सिर्फ 24 घंटे हैं, वरना ऑफर खत्म हो जाएगा। अगले दिन जब हमने फिर बात की, तब भी उनके पास कोई जवाब नहीं था। मैंने कहा कि बिना जानकारी मैं फैसला नहीं ले सकता। मैं बातचीत जारी रखना चाहता हूँ, लेकिन उन्होंने ऑफर वापस ले लिया।”
क्रॉस ने साफ किया कि WWE में काम करना हमेशा उनका सपना रहा है। अगर भविष्य में कंपनी उन्हें फिर से कोई ऑफर देती है, तो वह और स्कारलेट उसे स्वीकार करने के लिए तैयार होंगे, बशर्ते हालात और बातचीत की प्रक्रिया सही तरीके से हो।
यह पूरी कहानी दिखाती है कि कैसे सिर्फ 24 घंटे की डेडलाइन और जानकारी की कमी ने एक रेसलर को कंपनी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। फैंस का भी मानना है कि अगर WWE थोड़ी पारदर्शिता और समय देता, तो शायद नतीजा अलग होता।

