कानपुर में बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) ने बुधवार को शहर के थोक बाजार चौक और धोबीमोहाल स्थित दो सराफा प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान टीम ने 50 लाख रुपये के बिना हॉलमार्क वाले गहनों को जब्त किया।
सोने के गहनों पर हॉलमार्क लागू होने के तीन साल बाद भी शहर के कई सराफा व्यापारी 40 लाख से कम टर्नओवर दिखाकर बीआईएस लाइसेंस प्रक्रिया से बाहर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी के दाम इतने ज्यादा हो गए हैं कि उनका टर्नओवर 40 लाख से कहीं ज्यादा हो सकता है, लेकिन फिर भी ये व्यापारी जानबूझकर लाइसेंस नहीं ले रहे।
शहर में बिरहाना रोड, नयागंज, चौक, धोबीमोहाल जैसे इलाकों में थोक बाजार स्थित हैं और यहां पर हर दिन बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की बिक्री होती है। बीआईएस के नियम 23 जून 2021 से लागू हुए थे, और अब इन नियमों का पालन ना करने वालों की निगरानी की जा रही है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के मुताबिक, कई सराफा व्यापारी जागरूक होने के बावजूद लाइसेंस नहीं ले रहे। उन्होंने बताया कि एक सराफा व्यापारी हर दिन 2 ग्राम सोना और 100 ग्राम चांदी बेचता है, जो सालभर में करीब 40 लाख का टर्नओवर बनाता है।
बीआईएस के अनुसार, कानपुर में थोक और रिटेल दोनों तरह के कारोबारियों को ग्राहकों को शुद्ध गहने उपलब्ध कराने के लिए हॉलमार्क के नियमों का पालन करना चाहिए। सरकार जल्द ही बुलियन (सोने-चांदी) पर भी हॉलमार्क लागू करने की योजना बना रही है।
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