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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कोचिंग संस्थानों द्वारा किए जाने वाले भ्रामक और झूठे विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के बाद उठाया गया है। अब कोचिंग संस्थान शत-प्रतिशत चयन या नौकरी की गारंटी जैसे झूठे दावे नहीं कर सकेंगे।
सीसीपीए ने कई कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजे हैं और करीब 54.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। नए दिशा-निर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थानों को अब पाठ्यक्रम, फीस संरचना, संकाय साख, चयन दर और नौकरी सुरक्षा से संबंधित झूठे दावे करने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, कोचिंग संस्थान चयन के बाद उम्मीदवारों के नाम या फोटो का इस्तेमाल बिना उनकी लिखित सहमति के नहीं कर सकेंगे।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि सरकार कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नहीं है, लेकिन विज्ञापनों में उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे कोचिंग सेंटरों के विज्ञापनों की सच्चाई की जांच करें।
CCPA ने अपनी गाइडलाइंस में यह भी कहा है कि अगर कोचिंग संस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी में सफल छात्रों के नाम और फोटो का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें छात्रों से लिखित सहमति लेनी होगी।
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