Related Articles
नागौर – राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर की ओर से इस बार सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री का बजट देने की बजाय सीधे सामान सप्लाई किया गया। लेकिन इस सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई स्कूलों में सप्लाई की गई खेल सामग्री इतनी खराब निकली कि इस्तेमाल करने से पहले ही खराब हो गई। एक स्कूल में तो फुटबॉल में हवा भरते ही वह फट गया और उसका ब्लेडर बाहर आ गया।
सत्र के अंत में खेल सामग्री भेजी, जरूरत का ध्यान नहीं
पहले स्कूलों को खुद अपनी जरूरत के अनुसार खेल सामग्री खरीदने के लिए बजट दिया जाता था। इससे वे बेहतर गुणवत्ता वाला सामान खरीद पाते थे। लेकिन इस बार सत्र के आखिर में बिना जरूरत को ध्यान में रखे खेल सामग्री भेजी गई। शारीरिक शिक्षकों और खिलाड़ियों में इसको लेकर भारी नाराजगी है।
टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका
शारीरिक शिक्षकों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
कई खेलों की पूरी तरह अनदेखी
इस बार जो खेल सामग्री भेजी गई, उसमें कई महत्वपूर्ण खेलों के सामान शामिल ही नहीं किए गए। इन खेलों की अनदेखी की गई है:
-
बॉक्सिंग
-
जूडो
-
कुश्ती
-
तैराकी
-
ताइक्वांडो
-
कराटे
-
योग
-
वेटलिफ्टिंग
-
रग्बी फुटबॉल
-
जिम्नास्टिक
-
तीरंदाजी
-
शतरंज
-
टेबल टेनिस
-
साइक्लिंग
-
रोलर स्केटिंग
-
राइफल शूटिंग
सामान लोकल, गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं
स्कूलों में भेजे गए खेल उपकरण किसी भी मान्यता प्राप्त कंपनी के नहीं हैं, बल्कि सभी लोकल स्तर पर खरीदे गए हैं। इससे उनकी गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है।
शिक्षक संघ ने जताई नाराजगी
शारीरिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष, जगदीश इनाणिया ने कहा—
👉 “मुख्यालय स्तर से खेल सामग्री भेजने का निर्णय अच्छा था, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। कोई भी सामान कंपनी का नहीं है, जिससे खिलाड़ियों को भारी नुकसान होगा।”
इस पूरे मामले को लेकर अब शिक्षक और खिलाड़ी सरकार से जवाब मांग रहे हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
CHANNEL009 Connects India
