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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के केंदई रेंज में हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीती रात एक दंतैल हाथी (अकेला हाथी) ने तीन गांवों में चार मकान तोड़ दिए और मकानों में रखा धान भी खा गया। हाथी की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण डर के मारे घरों से भागकर अपनी जान बचाने में लगे रहे।
रात में गांवों में मचाया उत्पात
बताया जा रहा है कि कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज के जंगलों में पिछले कुछ दिनों से 18 हाथियों का एक झुंड घूम रहा है। इसी झुंड से एक दंतैल हाथी अलग हो गया है, जो बुधवार-गुरुवार रात ग्राम फुलसर पहुंचा। वहां इस हाथी ने धनराज सिंह के घर में तोड़फोड़ की। उस वक्त धनराज अपने परिवार के साथ सो रहे थे।
घर के लोग बाल-बाल बचे
हाथी की आवाज सुनते ही धनराज ने परिवार के सदस्यों को किसी तरह घर से बाहर निकाला। एक बीमार महिला को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस बीच हाथी घर में रखा धान खाने लगा। इसके बाद दंतैल हाथी पोड़ी खुर्द गांव के खड़पड़ी पारा इलाके में पहुंचा और इतवार साय धनुवार, बुदेश्वरी बाई धनुवार और अमरलाल के मकानों को भी तोड़ दिया।
वन विभाग ने हाथी को जंगल की ओर भगाया
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। हालांकि हाथी के हमले से ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा रहा है।
अलग-अलग इलाकों में घूम रहे हाथी
कोरबा और कटघोरा वनमंडल के जंगलों में कुल 45 हाथी चार अलग-अलग झुंडों में घूम रहे हैं। केंदई रेंज में 18 हाथियों का एक बड़ा झुंड है, जिसमें से एक दंतैल हाथी अलग होकर उत्पात मचा रहा है। पसान रेंज में 13 हाथियों का दल और एतमानगर रेंज में 2 हाथी घूम रहे हैं। कोरबा वनमंडल में भी 12 हाथियों का एक दल है।
वन विभाग का कहना है कि सभी हाथी झुंडों पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को मुनादी के जरिए सतर्क किया जा रहा है और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।
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