टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ हुई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज में केवल पांच में से तीन टेस्ट मैच खेले। इस फैसले ने क्रिकेट फैंस और कई पूर्व खिलाड़ियों के बीच बड़ी बहस छेड़ दी। बीसीसीआई ने साफ कहा था कि बुमराह का वर्कलोड मैनेज करने के लिए उन्हें रेस्ट दिया गया है। हालांकि, कई दिग्गजों को यह फैसला सही नहीं लगा। सुनील गावस्कर जैसे बड़े नामों ने भी इस रणनीति पर सवाल उठाए।
लेकिन अब इस पूरे मामले में बुमराह को अपने पुराने साथी और टीम इंडिया के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का पूरा समर्थन मिला है। भुवनेश्वर ने एक इंटरव्यू में बताया कि तेज गेंदबाजों के लिए आराम लेना क्यों जरूरी है और उन्होंने यह भी समझाया कि बुमराह का तीन मैच खेलना गलत फैसला नहीं था।
भुवनेश्वर कुमार ने ‘टॉक विद मनवेंद्र’ शो में कहा: “देखिए, बुमराह पिछले कई सालों से सभी फॉर्मेट में लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में उनके शरीर पर दबाव बढ़ना लाजमी है। बुमराह का गेंदबाजी एक्शन भी काफी अलग है, जिससे चोट का खतरा और ज्यादा हो जाता है। अगर वह पांच में से केवल तीन मैच खेलते हैं और उसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।”
भुवनेश्वर ने आगे कहा कि आज के समय में किसी भी खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना आसान नहीं है। टेस्ट क्रिकेट, वनडे और टी20 – तीनों में अलग तरह का दबाव होता है। इसलिए वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा: “लोगों को समझना चाहिए कि इतने सालों तक अलग-अलग फॉर्मेट में खेलना कितना मुश्किल है। अगर कोई खिलाड़ी सभी पांच मैच नहीं खेल पाता, लेकिन तीन में प्रभावी साबित होता है, तो इसे स्वीकार करना चाहिए। सेलेक्टर्स को भी पता है कि बुमराह क्या कर सकते हैं।”
हालांकि, कई लोगों को लगा कि बुमराह इस सीरीज में उतने प्रभावशाली नहीं दिखे, जितनी उम्मीद थी। फिर भी आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने तीन मैचों में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 14 विकेट झटके और दो बार पांच-पांच विकेट भी लिए। इसके बावजूद चर्चा इसलिए हुई क्योंकि उनकी गेंदबाजी में पुरानी धार कुछ मैचों में नजर नहीं आई। दिलचस्प बात यह है कि बुमराह के सिर्फ तीन मैच खेलने के बावजूद भारत ने यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया। इस सीरीज में मोहम्मद सिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने पांचों टेस्ट खेले और 22 विकेट लिए।
अगर पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुमराह ने 2024 से अब तक 486.4 ओवर फेंके हैं। वह भारतीय तेज गेंदबाजों में ओवर डालने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे केवल मोहम्मद सिराज हैं, जिन्होंने 500 ओवर डाले हैं।
भुवनेश्वर ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को लंबे समय तक खेलने के लिए रेस्ट देना जरूरी है। उन्होंने कहा: “दबाव बहुत होता है। अगर आप चाहते हैं कि कोई खिलाड़ी लंबा करियर खेले, तो आपको उसे सही तरीके से मैनेज करना होगा। यही वजह है कि बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ी का वर्कलोड मैनेज करना भारतीय क्रिकेट के लिए पॉजिटिव रणनीति है।”
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