अंकारा/तेहरान/यरुशलम – ईरान और इजराइल के बीच तेज़ होती सैन्य भिड़ंत पर अब तुर्किए ने भी स्पष्ट रुख अपनाते हुए कूटनीति की वकालत की है।
तुर्किए के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए ईरान को सुझाव दिया कि वह अमेरिका द्वारा पूर्व में शुरू की गई परमाणु वार्ता प्रक्रिया को दोबारा शुरू करे।
“युद्ध का कोई विकल्प नहीं है” – हाकन फिदान
बैठक के बाद फिदान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“इस टकराव का कोई सैन्य समाधान नहीं है। एकमात्र रास्ता है – कूटनीति।”
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए वार्ता प्रयासों को पुनर्जीवित करना चाहिए, ताकि तनाव को कम किया जा सके।
गाज़ा पर तुर्किए की दो टूक: ‘ध्यान भटकाने का बहाना नहीं’
तुर्की के विदेश मंत्री ने साफ किया कि ईरान-इजराइल के बीच तनाव बढ़ रहा है, लेकिन इससे गाज़ा में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
फिदान ने कहा:
“हमारे क्षेत्र में यह बढ़ता टकराव गाज़ा में नरसंहार से ध्यान हटाने का ज़रिया नहीं बन सकता। इजराइल को इस क्षेत्र को अस्थिर करने की नीति तुरंत छोड़नी चाहिए।”
तुर्की की सतर्क तैयारी, एर्दोआन की निगरानी
हाकन फिदान ने बताया कि राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्दोआन खुद इस पूरे हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
उनके निर्देश पर तुर्किए की सुरक्षा और कूटनीतिक एजेंसियां हर संभावित परिस्थिति के लिए तैयार हैं।
क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों से संपर्क
तुर्की ने कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है।
फिदान ने इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन और जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी से फोन पर बात की।
इस संवाद का उद्देश्य है – पूरे वेस्ट एशिया में तनाव को नियंत्रित करना और शांति कायम रखना।
अमेरिका-ईरान वार्ता अब संदेह में
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता में होने वाली प्रस्तावित वार्ता अब संदेह के घेरे में है।
इजराइल द्वारा ईरान पर हालिया हमले के बाद, यह स्पष्ट नहीं है कि यह बैठक तय समय पर हो पाएगी या नहीं।
ट्रंप प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे।
निष्कर्ष: तुर्किए ने उठाई शांति की मशाल
जब पूरा मध्य पूर्व युद्ध की चपेट में आ रहा है, तुर्किए ने खुद को एक संयमित लेकिन प्रभावशाली मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया है।
हाकन फिदान के स्पष्ट संदेश से यह साफ है कि अंकारा जंग नहीं, बातचीत का हिमायती है — और वह क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है।
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