इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान हुए सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकार किया है कि भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में नूर खान एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचा था। उन्होंने बताया कि इस हमले की जानकारी उन्हें रात के समय पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने फोन पर दी थी।
सेना प्रमुख का आधी रात कॉल
शहबाज शरीफ का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पाकिस्तानी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहते हैं, “9-10 मई की रात सेना प्रमुख असीम मुनीर ने सिक्योर लाइन पर संपर्क किया और बताया कि भारत की ओर से मिसाइल हमला किया गया है। एक मिसाइल नूर खान एयरबेस को लगी है और अन्य मिसाइलें अलग-अलग ठिकानों पर गिरी हैं।”
चार दिन चला संघर्ष, फिर हुआ संघर्षविराम
यह हमला पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में हुआ था, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान की सेनाएं चार दिन तक आमने-सामने रहीं। 10 मई को संघर्षविराम की घोषणा की गई, लेकिन तब तक भारत ने पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी कार्रवाई कर दी थी। भारत का कहना है कि इस जवाबी हमले में नूर खान एयरबेस पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया, जिससे पाकिस्तान की वायुसेना की संचालन क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा।
भारत का दावा और पाकिस्तान की स्वीकारोक्ति
भारत ने इस कार्रवाई को अपनी सैन्य श्रेष्ठता का प्रमाण बताते हुए कहा था कि हमले में पाकिस्तान को बड़ा रणनीतिक नुकसान हुआ। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की स्वीकारोक्ति इस दावे को मजबूत करती है। जानकारों का मानना है कि नूर खान एयरबेस, जहां पाकिस्तान अपने प्रमुख सैन्य संसाधन रखता है, उसके क्षतिग्रस्त होने से पाकिस्तान की हवाई ताकत को गहरा झटका लगा।
सीजफायर की पहल पाकिस्तान की तरफ से
भारत के आक्रामक जवाब के बाद पाकिस्तान ने खुद संघर्षविराम की पहल की थी। पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO से संपर्क कर संघर्ष रोकने की अपील की। इस बीच अमेरिका ने भी मध्यस्थता का प्रयास किया, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि फैसला पूरी तरह सामरिक कार्रवाई और पाकिस्तान की यथास्थिति को स्वीकार करने के बाद ही हुआ।
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