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Guillain-Barre Syndrome (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से नसों पर हमला करने लगती है। इससे हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी और गंभीर मामलों में पूरे शरीर में लकवा तक हो सकता है।
एक महिला की कहानी से समझें बीमारी
अमेरिका में रहने वाली 33 साल की अली सडरथ को अचानक इस बीमारी का सामना करना पड़ा। एक सुबह उन्हें पैरों की उंगलियों में झुनझुनी महसूस हुई। शुरुआत में यह सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती गई।
कुछ समय बाद उन्हें चलने और संतुलन बनाए रखने में परेशानी होने लगी। डॉक्टरों की जांच में पता चला कि उन्हें Guillain-Barre Syndrome है। कुछ ही दिनों में उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि उनका शरीर लगभग लकवाग्रस्त हो गया।
तीन महीने तक चला इलाज
बीमारी के कारण अली बहुत कमजोर हो गई थीं। उन्हें रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम करने में भी मुश्किल होती थी। करीब तीन महीने अस्पताल में रहने के बाद उन्होंने फिजियोथेरेपी और इलाज की मदद से धीरे-धीरे फिर से चलना सीखा।
अब फिर सामान्य जीवन की ओर
इलाज और मेहनत के बाद अली की हालत में सुधार हुआ। बाद में उन्होंने मैराथन दौड़कर सभी को हैरान कर दिया। उनका कहना है कि इस बीमारी ने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बना दिया है।
क्या है Guillain-Barre Syndrome
Guillain-Barre Syndrome एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से नसों को नुकसान पहुंचाने लगती है। इससे शरीर के कई हिस्सों में कमजोरी और लकवे की स्थिति बन सकती है।
इसके आम लक्षण
इस बीमारी के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
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हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
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पैरों में कमजोरी, जो धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ती है
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चलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना
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चेहरे की मांसपेशियों को हिलाने में कठिनाई
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डबल दिखना
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तेज दर्द
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सांस लेने में दिक्कत
बीमारी क्यों होती है
डॉक्टरों के अनुसार कई बार यह बीमारी किसी संक्रमण के बाद हो सकती है, जैसे फ्लू या किसी वायरस के बाद। ऐसे में शरीर की इम्यून सिस्टम नसों पर हमला करने लगती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से ज्यादातर मरीज धीरे-धीरे ठीक हो सकते हैं। इसलिए अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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