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जबलपुर:
जैसे ही मानसून की बारिश शुरू हुई है, शहर में कुत्तों के काटने (डॉग बाइट) के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में हर दिन औसतन 100 से ज्यादा लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। बीते 9 दिनों में 764 लोगों को इंजेक्शन लगाया गया है।
गलियों और सड़कों पर कुत्तों का आतंक
शहर की सड़कों और कॉलोनियों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। बच्चों का घर से बाहर खेलना मुश्किल हो गया है। रात के समय ये कुत्ते ज्यादा हमलावर हो जाते हैं और बाइक चालकों को दौड़ाने लगते हैं, जिससे कई बार लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं।
बाजारों और कॉलोनियों में बढ़ी दिक्कत
तिलक भूमि, निवाड़गंज, सिविक सेंटर, गौरीघाट, अधारताल, गढ़ा और रांझी जैसे इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोग इन कुत्तों की पकड़ और नसबंदी की मांग कर रहे हैं, ताकि खतरे को कम किया जा सके।
अस्पताल में मिल रहा इलाज
डॉ. नवीन कोठारी (सिविल सर्जन) के मुताबिक, जो भी लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल आ रहे हैं, उन्हें तुरंत रैबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
निष्कर्ष:
बारिश के साथ ही आवारा कुत्तों का आतंक शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने की जरूरत है।
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