लंदन:
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने सोमवार को देश की मातृत्व सेवाओं की व्यापक जांच का आदेश दिया है। यह फैसला पिछले 15 वर्षों में सामने आई कई भयावह घटनाओं और लगातार बढ़ते आरोपों के बाद लिया गया है।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय उन परिवारों की पीड़ा और दर्द सुनने के बाद लिया जो एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) की मातृत्व देखभाल में लापरवाही के शिकार हुए। उन्होंने इसे “ऐसी त्रासदियां, जो कभी नहीं होनी चाहिए थीं” बताया।
🔍 श्व्रूसबरी और टेल्फोर्ड घोटाले ने खोली लापरवाही की परतें
2022 की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि श्व्रूसबरी और टेल्फोर्ड हॉस्पिटल ट्रस्ट में 20 साल की अवधि (2000 से 2019) में 201 बच्चों और 9 माताओं की मौतें हुईं, जिनमें गंभीर लापरवाही सामने आई। यही रिपोर्ट मातृत्व देखभाल पर सवाल उठाने का बड़ा कारण बनी।
वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, “मैंने कई माता-पिता से सुना जो अपने बच्चों को बचा नहीं पाए और अब जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यही वजह है कि मैंने एक तेज़ और गहन राष्ट्रीय जांच का आदेश दिया है।”
🏥 जांच दो चरणों में होगी:
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पहला चरण: देश के 10 सबसे चिंताजनक मातृत्व और नवजात इकाइयों की त्वरित जांच होगी।
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दूसरा चरण: समूचे इंग्लैंड में एनएचएस सेवाओं की समीक्षा होगी। इससे सभी पुरानी रिपोर्ट्स से सीखी गई बातें एकत्र कर एक統राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
साथ ही, एक विशेष टास्कफोर्स बनाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पीड़ित परिवारों को शामिल किया जाएगा।
🗣️ “अब और नहीं” – NHS और रिपोर्ट लेखकों का कड़ा रुख
एनएचएस इंग्लैंड के मुख्य कार्यकारी जिम मैकी ने इसे “मातृत्व देखभाल में बदलाव की शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा, “अब एक स्पष्ट और एकजुट दिशा तय की जाएगी जिससे हर महिला और नवजात को उच्च गुणवत्ता की देखभाल मिले।”
पूर्व स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने 2022 में संसद में श्व्रूसबरी जांच पर माफी भी मांगी थी।
रिपोर्ट लेखिका डोना ओकेडन ने 2000-2019 के बीच लगातार हुई लापरवाहियों को उजागर किया था, जिनके कारण कई नवजात मृत पैदा हुए, जन्म के तुरंत बाद जान गंवाई, या गंभीर मस्तिष्क क्षति का शिकार हुए।
🚨 अन्य मामलों में भी चौंकाने वाले खुलासे
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ईस्ट केंट के दो अस्पतालों में हुई 45 बच्चों की मौत की भी जांच की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि सही देखभाल मिलती, तो ये बच्चे बच सकते थे।
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रिपोर्टर बिल किर्कअप ने कहा कि 10 वर्षों में ट्रस्ट बोर्ड को आठ बार चेतावनियां मिलीं, लेकिन हर बार उन्होंने समस्याओं से इनकार किया।
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नॉटिंघम में भी मातृत्व देखभाल पर गंभीर चिंताएं हैं, जिनकी जांच डोना ओकेडन द्वारा की जा रही है।
📉 गर्भावस्था में मौतों का बढ़ता आंकड़ा
जनवरी 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2020-2022 के बीच ब्रिटेन में गर्भावस्था या उसके तुरंत बाद मरने वाली महिलाओं की संख्या करीब दो दशकों में सबसे अधिक रही।
यह आंकड़ा 11.54 प्रति एक लाख था, जो 2017-2019 की तुलना में काफी अधिक है (8.79 प्रति लाख)। यह स्थिति 2003-2005 के बाद सबसे गंभीर मानी जा रही है।
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