संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क: भारत के दो जांबाज शांति सैनिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गौरवपूर्ण सम्मान मिलने जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा और हवलदार संजय सिंह को उनके अंतिम बलिदान के लिए मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘डैग हैमरशॉल्ड पदक’ से नवाजा जाएगा। दोनों सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
29 मई को होगा सम्मान समारोह
संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 29 मई को अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस मनाता है। इस वर्ष की थीम है: ‘शांति स्थापना का भविष्य’। इसी अवसर पर एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें इन दोनों भारतीय सैनिकों को यह उच्च सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा।
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ब्रिगेडियर जनरल अमिताभ झा: तैनाती – यूएन डिसएंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स (UNDOF)
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हवलदार संजय सिंह: तैनाती – कांगो में संयुक्त राष्ट्र मिशन (MONUSCO)
भारत की भूमिका शांति मिशनों में
भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे प्रमुख सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक है। वर्तमान में भारत के 5,300 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कई देशों में शांति मिशनों में तैनात हैं, जैसे:
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कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
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दक्षिण सूडान
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मध्य अफ्रीकी गणराज्य
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सोमालिया
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लेबनान
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पश्चिमी सहारा
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अबेई क्षेत्र
गुटेरेस करेंगे समारोह की अध्यक्षता
समारोह की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस करेंगे, जो इस अवसर पर 1948 से अब तक जान गंवाने वाले 4,400 से अधिक शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वे पुष्पचक्र समर्पण के साथ-साथ मरणोपरांत पुरस्कार वितरण समारोह का भी नेतृत्व करेंगे।
यह सम्मान न केवल भारत के इन दो वीर सैनिकों के बलिदान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की शांति स्थापना में प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
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