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राजस्थान में खिलाड़ी चाहते हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उनकी समस्याओं पर ध्यान दें, ताकि उन्हें फायदा हो सके।
राज्य में आयोजित होने वाली अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) में खिलाड़ियों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा है, जबकि अन्य वर्गों को इस परीक्षा में आरक्षण दिया जा रहा है। इस कारण राज्य के हजारों खिलाड़ी नुकसान उठा रहे हैं। रीट परीक्षा में इस बार लगभग दस लाख से अधिक उम्मीदवार बैठने की संभावना है, और जो उम्मीदवार पहले ही रीट पास कर चुके हैं, उन्हें अब परीक्षा देना जरूरी नहीं होगा। सरकार ने पहले ही रीट की वैधता बढ़ा दी है। हालांकि, इस परीक्षा में एसटी, ओबीसी, एससी, विधवा, तलाकशुदा और एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षण दिया जाता है, लेकिन राज्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अलग से आरक्षण नहीं मिल रहा है। जबकि अन्य सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को दो प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
25 नवंबर को जारी हो सकता है नोटिफिकेशन
रीट परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा किया जाएगा, और इसकी नोटिफिकेशन 25 नवंबर 2024 या उसके बाद जारी हो सकती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की थी कि रीट के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2024 से शुरू होगी, और परीक्षा फरवरी 2025 में होगी।
रीट की जानकारी
पिछले साल यह परीक्षा 23-24 जुलाई 2022 को आयोजित की गई थी। रिजल्ट 29 सितंबर 2022 को घोषित हुआ था। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सबसे ज्यादा उम्मीदवार शेखावाटी और अलवर से होंगे। इस परीक्षा में ओएमआर शीट में पांच ऑप्शन होंगे, और जवाब न देने पर नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होगा।
खिलाड़ियों की मांग
खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें रीट परीक्षा में आरक्षण मिलना चाहिए।
- राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (खेल मंत्री): “अगर पिछली सरकार ने खिलाड़ियों के साथ सही नहीं किया तो हम खिलाड़ी के लिए अच्छा करने का प्रयास करेंगे। रीट का मामला भी दिखवाएंगे।”
- विष्णु कुमार शर्मा (प्रदेश सचिव, राजस्थान तलवारबाजी संघ): “खिलाड़ियों को रीट में आरक्षण मिलना चाहिए, इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा।”
- सुभाष योगी (कार्यकारिणी सदस्य, राजस्थान ओलंपिक संघ): “हमारा संघ सरकार से खिलाड़ियों के लिए आरक्षण की मांग करेगा। खेल मंत्री से मुलाकात कर इस पर चर्चा की जाएगी।”
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