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दुनिया का सबसे ठंडा गांव, जहां आंखों पर भी जम जाती है बर्फ
-67°C तापमान में कैसे जीते हैं लोग? रूस के इस गांव की जिंदगी सुनकर रह जाएंगे हैरान
दुनिया में कई जगहें अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं, लेकिन रूस का एक छोटा सा गांव अपनी खतरनाक ठंड के कारण पूरी दुनिया में चर्चा में रहता है। इस गांव का नाम ओयम्याकोन (Oymyakon) है, जिसे दुनिया का सबसे ठंडा आबाद गांव माना जाता है।
यहां तापमान सर्दियों में माइनस 67 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इतनी भयंकर ठंड होती है कि लोगों की आंखों की पलकों पर भी बर्फ जम जाती है। सांस लेते समय हवा सीधे फेफड़ों में चुभती महसूस होती है और बाहर कुछ मिनट खड़ा रहना भी चुनौती बन जाता है।
आखिर लोग यहां रहते कैसे हैं?
ओयम्याकोन में रहने वाले लोगों की जिंदगी बेहद कठिन मानी जाती है। यहां पानी की पाइपलाइन तक जम जाती है, इसलिए लोग बर्फ पिघलाकर पानी इस्तेमाल करते हैं। गाड़ियां बंद न हों, इसके लिए कई लोग रातभर इंजन चालू रखते हैं।
इतनी ठंड में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जल्दी काम करना बंद कर देते हैं। बच्चों को भी बेहद कम तापमान में स्कूल जाना पड़ता है, हालांकि तापमान बहुत ज्यादा गिरने पर छुट्टी घोषित कर दी जाती है।
खाने-पीने का तरीका भी अलग
यहां खेती लगभग ना के बराबर होती है। लोग ज्यादातर मांस, मछली और हाई कैलोरी वाला खाना खाते हैं ताकि शरीर को गर्म रखा जा सके। ठंड इतनी ज्यादा होती है कि बाहर रखा खाना मिनटों में जम जाता है।
फिर भी लोग क्यों नहीं छोड़ते गांव?
विशेषज्ञों का कहना है कि यहां रहने वाले लोग पीढ़ियों से इस मौसम के आदी हो चुके हैं। उनका जीवन, संस्कृति और रोज़गार इसी इलाके से जुड़ा हुआ है। कई लोग इसे “धरती का सबसे कठिन लेकिन अनोखा जीवन” बताते हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस गांव की तस्वीरें और वीडियो देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। बर्फ से ढकी सड़कें, जमे हुए चेहरे और धुएं में बदलती सांसें इंटरनेट पर खूब वायरल होती हैं।
दुनिया जहां गर्मी और जलवायु परिवर्तन से जूझ रही है, वहीं यह गांव इंसानी सहनशक्ति और प्रकृति की कठोरता का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।

