
सरकार ने प्रत्येक गौ संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए करीब 80 लाख रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इन गौ संरक्षण केंद्रों का उद्देश्य किसानों को छुट्टा जानवरों से राहत दिलाना है, जो उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
ये गौ संरक्षण केंद्र इन स्थानों पर बनाए जाएंगे:
- गोंडा (महादेवा)
- अमेठी (कठौरा)
- बरेली (जैनपुर और कद्राबाद)
- हाथरस (नगला गढ़)
- मिर्जापुर (खरीहट)
- लखीमपुर (समैसा)
- कानपुर देहात (बमरौली घाट)
- ललितपुर (हरदारी)
हर एक गौ संरक्षण केंद्र पर 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
