
शिकायतें मिली थीं कि कुछ निजी अस्पताल SSO ID का गलत इस्तेमाल कर मरीजों के नाम पर फर्जी बिल बना रहे थे। कई मामलों में मरीज ने न तो इलाज कराया और न ही दवा ली, फिर भी उनके कार्ड से पैसे काट लिए गए। इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने नया ‘अलर्ट सिस्टम’ शुरू किया है।
अब हर महीने लाभार्थियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS भेजा जाएगा। इस मैसेज में बताया जाएगा कि उस महीने उनके कार्ड से कितना खर्च हुआ। इसमें OPD, IPD, दवाइयों और डे-केयर का अलग-अलग विवरण होगा। इससे लोग तुरंत समझ सकेंगे कि कहीं उनके नाम पर गलत बिल तो नहीं बनाया गया।
यदि किसी को लगे कि उसके कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो वह RGHS हेल्पलाइन, संबंधित कार्यालय या 181 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि निगरानी और सख्त की जाएगी और दोषी अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।5
