कीव: युद्ध की विभीषिका के बीच रूस और यूक्रेन ने ऐसा कदम उठाया है जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैकड़ों युद्धबंदियों की अदला-बदली की है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने अमेरिका समेत कई वैश्विक ताकतों को चौंका दिया है।
ड्रोन हमले के कुछ ही घंटे बाद हुआ समझौता
शनिवार को यह समझौता तब सामने आया जब कुछ घंटे पहले ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। हमले में कम से कम 15 लोग घायल हुए। इसके बावजूद दोनों देशों ने प्रत्येक पक्ष से 307 युद्धबंदियों को रिहा किया।
मानवीय प्रयासों की मिसाल
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह कैदियों की अदला-बदली युद्धविराम समझौते के अभाव में भी मानवीय प्रयासों की एक मिसाल है। मंत्रालय के अनुसार, यह घटनाक्रम इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश भले ही मोर्चे पर आमने-सामने हों, लेकिन कुछ मानवीय मुद्दों पर सीमित सहयोग संभव है।
एक दिन पहले भी हुई थी बड़ी अदला-बदली
इससे पहले शुक्रवार को भी रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली हुई थी, जिसमें कुल 390 लोग रिहा किए गए थे। इनमें बड़ी संख्या में सैनिक और नागरिक शामिल थे।
यूक्रेन की ओर से अभी पुष्टि नहीं
जहां रूस ने इस समझौते की आधिकारिक घोषणा कर दी, वहीं यूक्रेन सरकार की ओर से इस अदला-बदली की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि वे हमलों के बाद की मानवीय स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं।
नरमी की उम्मीद या रणनीति का हिस्सा?
राजनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को एक रणनीतिक सिग्नल के रूप में देख रहे हैं — क्या यह नरमी की संभावनाएं जगा रहा है या फिर सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय छवि को संभालने की कोशिश है? इसका जवाब फिलहाल अस्पष्ट है।
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