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राजस्थान विधानसभा में शनिवार को एक अलग ही मामला देखने को मिला। यह किसी राजनीतिक बहस का मुद्दा नहीं था, बल्कि एक विधायक के पानी पीने से जुड़ा था।
क्या हुआ सदन में?
राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान केकड़ी से बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम अपनी बात रख रहे थे। बोलते समय उनका गला सूख गया, तो उन्होंने अपने बैग से पानी की छोटी बोतल निकाली और पानी पी लिया।
जैसे ही उन्होंने पानी पिया, कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। इस पर आसन पर बैठे सभापति फूल सिंह मीणा ने उन्हें रोक दिया और नियमों का हवाला दिया।
सभापति ने क्या कहा?
सभापति ने कहा कि विधानसभा के नियमों के अनुसार कोई भी सदस्य बिना अनुमति के सदन के अंदर पानी नहीं पी सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की बोतल लाना भी नियमों के खिलाफ है।
अगर किसी सदस्य को स्वास्थ्य कारणों से पानी पीना जरूरी हो, तो उसे पहले सभापति से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
बोतल अंदर कैसे पहुंची?
नियमों के अनुसार सदन में पानी की बोतल ले जाना मना है। ऐसे में विधायक बोतल लेकर अंदर कैसे पहुंचे, यह भी चर्चा का विषय बन गया। सभापति ने भविष्य के लिए चेतावनी भी दी।
सदन में किन चीजों पर है रोक?
राजस्थान विधानसभा में कुछ चीजें ले जाना या उपयोग करना प्रतिबंधित है, जैसे:
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मोबाइल फोन का उपयोग
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किसी भी तरह का हथियार
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बैनर, पोस्टर या तख्तियां
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बिना अनुमति नारेबाजी
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अखबार या बाहरी सामग्री पढ़ना
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खाना-पीना या धूम्रपान
अनुशासन की मिसाल
यह घटना बताती है कि विधानसभा में नियम और अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है। विधायक का पानी पीना सामान्य बात थी, लेकिन सदन के नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
इस मामले ने साफ कर दिया कि सदन के अंदर हर गतिविधि नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए।
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