रामल्लाह | 24 अप्रैल, 2025
इज़राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच, फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने पहली बार सार्वजनिक रूप से हमास पर तीखा हमला बोला है। एक टेलीविज़न संबोधन में अब्बास ने हमास को सख्त शब्दों में फटकारते हुए उससे बंधकों की रिहाई और हथियार डालने की मांग की है।
असामान्य बयान: वार्ता या वार
रामल्लाह से प्रसारित अपने भाषण में अब्बास ने कहा:
“बंधकों को मुक्त करो और इज़राइल को हमला करने का बहाना मत दो।”
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर 7 अक्टूबर को हुए हमले की निंदा नहीं की, लेकिन उनके बयान को हमास के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी आलोचना माना जा रहा है।
हमास के लिए मुश्किलें बढ़ीं
अब्बास के इस बयान को गाजा में शांति प्रयासों को बल देने और मिस्र की मध्यस्थता को समर्थन देने के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, यह हमास के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा झटका है क्योंकि वह खुद को फिलिस्तीनी प्रतिरोध का नेतृत्वकर्ता बताता रहा है।
विवाद की जड़: दो गुट, दो नीतियां
फिलिस्तीन में लंबे समय से दो प्रमुख राजनीतिक धड़े सक्रिय हैं:
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PLO (पैलेस्टाइन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन), जिसका नेतृत्व महमूद अब्बास कर रहे हैं और जो वेस्ट बैंक पर शासन करता है।
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हमास, जो गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखता है।
इन दोनों के बीच वैचारिक और प्रशासनिक मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं।
एकजुटता का आह्वान
अब्बास ने अपने भाषण में फिलिस्तीनी गुटों से एकजुट होने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह समय आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने का है। उन्होंने ज़ोर दिया कि फिलिस्तीनी आज़ादी के लिए संयुक्त संघर्ष ही रास्ता है।
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