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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिले में उपभोक्ताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत 1 किलोवाट से शुरू होने वाले सोलर पैनल से उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में लगभग 80 प्रतिशत तक कमी आई है। योजना के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं।
अब तक 25 उपभोक्ताओं ने इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराया है और 16 घरों में सोलर पैनल इंस्टॉल किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल 1 किलोवाट से शुरू होते हैं। 1 किलोवाट का सोलर पैनल एक दिन में करीब 4 यूनिट बिजली, 2 किलोवाट का पैनल 8 यूनिट और 3 किलोवाट का पैनल 12 यूनिट बिजली उत्पन्न करता है। पैनल को घर की छत पर लगभग 200 स्क्वायर फीट जगह पर लगाया जाता है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर भी लगाया जाता है। दिन के समय सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली विभाग को भेजी जाती है, जबकि रात में बिजली विभाग से घर में बिजली पहुंचती है, जिससे बिल में भी कमी आती है।
इस योजना में उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी दी जाती है। 1 किलोवाट के सोलर पैनल की कीमत लगभग 70,000 रुपये है, जिसमें 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। 2 किलोवाट के पैनल की कीमत लगभग 1,20,000 रुपये होती है, जिसमें 60,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है, और 3 किलोवाट के पैनल की कीमत 2 लाख रुपये होती है, जिसमें 78,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है।
जिले के चंदिया के उपभोक्ता हरिलाल सतनामी ने बताया कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद घर में 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है, जिससे बिजली के बिल में कमी आई है।
अध्यक्ष अभियंता योगेश उइके ने बताया कि अब तक 700 से अधिक घरों में सर्वे किया गया है और 16 घरों में सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं के बिल में 80 प्रतिशत तक कमी आई है।
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