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शिवपुरी (मध्य प्रदेश): केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई में जनता द्वारा दिए गए आवेदनों को रद्दी में फेंकने का मामला सामने आया है। जब यह मामला कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए।
जांच में 3 पटवारी दोषी पाए गए
जांच के दौरान 3 पटवारी और उनके सहायक इस लापरवाही के लिए दोषी पाए गए। कलेक्टर ने इन सभी को निलंबित कर दिया। साथ ही, पिछोर एसडीएम ने पंजीयन काउंटर पर तैनात 5 शिक्षकों पर भी कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा है।
क्या है पूरा मामला?
🔹 8 फरवरी को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मानस भवन और पिछोर के छत्रसाल स्टेडियम में जनसुनवाई की थी।
🔹 जनता ने अपनी शिकायतों और समस्याओं के आवेदन मंत्री को सौंपे थे।
🔹 मंत्री ने अधिकारियों को आवेदनों को सुरक्षित रखने और जल्द समाधान करने के निर्देश दिए थे।
🔹 लेकिन मंत्री के जाने के बाद सरकारी कर्मचारियों ने आवेदनों को कचरे में फेंक दिया।
शरारती तत्वों की साजिश का दावा
प्रशासन ने दावा किया है कि यह हरकत कुछ शरारती तत्वों ने की। पंजीयन काउंटर पर रखे स्कैन और फोटो कॉपी आवेदन छीनकर एक महिला के हाथों कचरे में फिंकवा दिए गए।
एफआईआर होगी दर्ज
कलेक्टर ने शरारती तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जल्द कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अगली जनसुनवाई में इन आवेदनों की पूरी स्थिति प्रस्तुत की जाए।
🔥 अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
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