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राजस्थान के टोंक जिले में गलत खून चढ़ाने से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मरीज को पहले सआदत अस्पताल, टोंक में भर्ती कराया गया था, लेकिन गलत खून चढ़ने के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
जांच के लिए बनी तीन डॉक्टरों की कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ डॉ. बी.एल. मीना ने तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी बनाई है, जो यह पता लगाएगी कि गलत खून कैसे चढ़ा और इसमें किसकी लापरवाही थी।
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
मृतक हंसराज (निवासी नारायणपुरा, टोडारायसिंह) के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
क्या हुआ था?
- 10 जनवरी को डॉक्टरों ने हंसराज को रक्त चढ़ाया।
- इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और सांस लेने में दिक्कत हुई।
- हालत बिगड़ने पर उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
खून निजी ब्लड बैंक से लाया गया था
पीएमओ डॉ. बी.एल. मीना के अनुसार, मरीज को ब्लड की कमी थी, इसलिए परिजनों को अस्पताल के ब्लड बैंक से खून लाने के लिए कहा गया था। लेकिन परिजन बाहर के एक निजी ब्लड बैंक से खून ले आए और इसकी जानकारी अस्पताल को नहीं दी। यही खून मरीज को चढ़ाया गया।
अब मामले की जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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