Related Articles
भीलवाड़ा: भीलवाड़ा में लगने वाले एथेनॉल प्लांट के लिए जमीन जल्द मिलेगी, लेकिन इसका फैसला अगली बैठक में किया जाएगा। यह निर्णय जयपुर में पीएचएम के निदेशक एच.एस. मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
बैठक में क्या हुआ?
- एथेनॉल प्लांट और मांडल रोड पर निजी मंडी पर चर्चा हुई।
- एमओयू करने वाले उद्यमी महादेव गुर्जर ने बताया कि प्लांट के लिए जमीन और पानी की जरूरत होगी।
- भीलवाड़ा डार्क जोन में होने के कारण पानी की समस्या बनी हुई है।
- इसी वजह से पहले दो एथेनॉल प्लांट बूंदी में लगाए जा रहे हैं।
- अगर भीलवाड़ा में जमीन और पानी नहीं मिलता, तो यह प्लांट नीमच में लगाया जा सकता है।
- अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अगली बैठक में जमीन को लेकर फैसला होगा।
फूड पार्क पर भी हुई चर्चा
- फूड पार्क और मिलेट प्लांट एक साथ लगाने की योजना है।
- मांडल के सिडियास में पहले से 100 बीघा जमीन पड़ी है, जिसे इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किया जा सकता है।
- सरकारी नीति के अभाव में यह जमीन पिछले ढाई साल से बेकार पड़ी है।
- मिनी फूड पार्क बनने से कृषि उपजों का प्रसंस्करण, निर्यात और किसानों को अच्छी कीमत मिल सकेगी।
एमओयू अटका जमीन के कारण
- राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट में भीलवाड़ा के उद्यमियों ने
- एग्रो फूड प्लांट
- एथेनॉल प्लांट
- मिलेट प्लांट
- 275 करोड़ के एमओयू साइन किए थे।
- लेकिन जमीन न मिलने के कारण अब तक यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाए हैं।
- सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद जताई जा रही है।
CHANNEL009 Connects India
