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पुराने टायरों से रोडवेज बसों की रफ्तार धीमी

टायर की कमी के कारण बसों में बढ़ रहा हादसों का खतरा

श्रीगंगानगर।
गर्मी के मौसम में पुराने और रिपेयर किए गए टायरों पर चल रही रोडवेज बसें यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं। टायर फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।

बसों के टायर फटने से हो रहे हादसे

🔹 तीन दिन पहले श्रीगंगानगर से भौडक़ी (हरियाणा) जा रही बस का टायर फट गया।
🔹 सूरतगढ़ मार्ग पर भी एक बस में टायर की दिक्कत आई थी।
🔹 एक दिन पहले श्रीगंगानगर से अनूपगढ़ जा रही बस का टायर फटने से चार यात्री घायल हो गए, जिनमें एक बुजुर्ग महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया।

टायरों की कमी, बसें चल रही पुराने टायरों पर

✔️ श्रीगंगानगर डिपो में 91 बसें चलती हैं, जिनमें 57 निगम की और 34 अनुबंधित बसें हैं।
✔️ जयपुर मुख्यालय से टायरों की आपूर्ति कम हो रही है।
✔️ मार्च में नए टायर नहीं मिले, इसलिए बसें पुराने और रिसाइकिल किए गए टायरों पर चलाई जा रही हैं।

यात्रियों को हो रही परेशानी

👉 कई बसें कंडम हो चुकी हैं और पुराने टायरों के कारण यात्रियों को सफर में दिक्कतें आ रही हैं।
👉 गर्मी में टायर ज्यादा पंक्चर हो रहे हैं, जिससे बसें लेट हो रही हैं और यात्रियों को परेशानी हो रही है।

पुराने टायरों से हादसों का खतरा

⚠️ पुराने टायरों में रबड़ चढ़ाने से उनकी पकड़ (ग्रिप) कमजोर हो जाती है।
⚠️ टायर जल्दी घिस जाते हैं, जिससे उनका फटने का खतरा बढ़ जाता है।
⚠️ गीली सड़क या बारिश में बसों का नियंत्रण खोने का खतरा रहता है।

प्रशासन का दावा – नई बसें आने से समस्या हल होगी

🚍 रोडवेज अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि –
“नए टायर आने पर बसों की हालत सुधरेगी। जरूरत पड़ने पर पुराने टायरों पर नया रबड़ चढ़ाया जाता है, लेकिन नई बसें आने पर यह समस्या खत्म हो जाएगी।”

➡️ यात्रियों की सुरक्षा के लिए रोडवेज प्रबंधन को जल्द से जल्द नए टायरों की व्यवस्था करनी होगी।

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