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देशभर में पहचान और पेंशन फ्रॉड रोकने के लिए UIDAI ने अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। राजस्थान सहित कई राज्यों में यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को फ्रॉड-प्रूफ बनाने में मदद करेगा। परिवार मृतक के आधार निष्क्रिय करवाने के लिए myAadhaar पोर्टल या 1947 हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
राजस्थान में स्थिति
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राजस्थान में लगभग 90 लाख पेंशनधारक हैं।
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आधार लिंकेज अनिवार्य होने के बावजूद मृतकों के नाम पर पेंशन जारी होती रही, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
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UIDAI के अभियान से मृत आधार निष्क्रिय कर पेंशन फ्रॉड रोका जा रहा है।
प्रमुख फ्रॉड उदाहरण
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जालोर जिला: 15 हजार से अधिक मृत पेंशनधारकों के नाम पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा वितरित।
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कई जिलों में परिवार या बिचौलिए आधार-लिंक्ड बैंक खाते से पैसे निकालते रहे।
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जन्मतिथि बदलकर युवाओं को वृद्धावस्था पेंशन दिलाई गई।
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साइबर ठगी: “जीवन प्रमाण पत्र अपडेट” के नाम पर OTP लेकर पैसे उड़ा लिए जाते थे।
UIDAI के उपाय
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बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और फेस ऑथेंटिकेशन से अनधिकृत उपयोग रोका जाता है।
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ऑफलाइन QR कोड, e-Aadhaar और नया आधार ऐप से सुरक्षित सत्यापन संभव।
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कोर बायोमेट्रिक डेटा कभी साझा नहीं होता और एन्क्रिप्टेड स्टोरेज में रखा जाता है।
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नियमित डुप्लीकेशन हटाना और जनसांख्यिकीय अपडेट केवल प्रमाणित दस्तावेजों से।
इस अभियान से राजस्थान और अन्य राज्यों में पेंशन और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी और सही लाभार्थियों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचेंगी।
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