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श्रीगंगानगर जिले में मनरेगा के तहत सामग्री मद की लंबित राशि जारी होने से ग्राम पंचायतों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2023-24 से अटकी 33 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि स्वीकृत होने के बाद अब जिले की नौ पंचायत समितियों में विकास कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे।
करीब 22 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 13.60 करोड़ रुपए की राशि की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन पंचायत समितियों को मिला बजट
यह राशि श्रीगंगानगर, सादुलशहर, करणपुर, रायसिंहनगर, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, अनूपगढ़, घड़साना और पदमपुर पंचायत समितियों को जारी की गई है।
बजट की कमी के कारण इन क्षेत्रों में सीसी सड़कें, नालियां, सामुदायिक भवन और अन्य पक्के निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े थे। मजदूरी का भुगतान हो रहा था, लेकिन सामग्री मद की राशि नहीं मिलने से काम रुक गया था।
बजट न होने से रुके थे काम
लंबित भुगतान के कारण सरपंच (प्रशासक) और ग्राम विकास अधिकारी नई योजनाएं शुरू करने से बच रहे थे। पंचायत समिति घड़साना में सबसे अधिक राशि बकाया थी, जहां कई निर्माण कार्य बजट के अभाव में बंद पड़े थे। अब राशि जारी होने के बाद यहां भी विकास कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि समय पर बजट मिलने से गांवों में विकास की गति फिर से बढ़ेगी।
अधिकारी का बयान
जिला परिषद के सीईओ गिरधर ने बताया कि पंचायत समितियों को मनरेगा के तहत सामग्री मद में 33 करोड़ 53 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इससे लंबित भुगतान पूरे होंगे और रुके हुए निर्माण कार्यों को दोबारा गति मिलेगी।
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