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भारत में लोगों को अलग-अलग तरह के टैक्स देने होते हैं। कुछ टैक्स केंद्र सरकार लेती है और कुछ राज्य सरकारें। प्रोफेशनल टैक्स एक ऐसा टैक्स है जिसे राज्य सरकारें लगाती हैं।
प्रोफेशनल टैक्स क्या है?
प्रोफेशनल टैक्स एक डायरेक्ट टैक्स है। यह उन लोगों से लिया जाता है जो नौकरी, व्यापार या किसी पेशे से कमाई करते हैं।
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नौकरी करने वालों का प्रोफेशनल टैक्स उनके नियोक्ता (कंपनी) सैलरी से काटकर सरकार को जमा करता है।
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जो लोग खुद का काम करते हैं (Self-employed), उन्हें यह टैक्स खुद जमा करना होता है।
प्रोफेशनल टैक्स की अधिकतम सीमा
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 276 के अनुसार, प्रोफेशनल टैक्स की अधिकतम सीमा 2,500 रुपये सालाना है।
साथ ही, आयकर भरते समय प्रोफेशनल टैक्स की राशि को आपकी टैक्सेबल इनकम से घटाया जा सकता है, जिससे आपकी कुल टैक्स देनदारी कम हो सकती है।
ध्यान रहे कि यह राज्य स्तर का टैक्स है, इसलिए इसकी दर और नियम हर राज्य में अलग हो सकते हैं।
किन राज्यों में प्रोफेशनल टैक्स लगता है?
कुछ राज्यों में प्रोफेशनल टैक्स लागू है, जैसे:
आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और झारखंड।
किन राज्यों में प्रोफेशनल टैक्स नहीं लगता?
कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रोफेशनल टैक्स लागू नहीं है, जैसे:
अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दमन-दीव, दादरा और नगर हवेली, लक्षद्वीप।
प्रोफेशनल टैक्स किसे देना होता है?
जहां यह टैक्स लागू है, वहां इन लोगों को देना होता है:
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नौकरीपेशा कर्मचारी
सरकारी या निजी नौकरी करने वालों की सैलरी से यह टैक्स हर महीने काटा जाता है। -
प्रोफेशनल लोग
डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंसल्टेंट आदि। -
व्यवसायी और स्वरोजगार करने वाले लोग
जो लोग खुद का व्यवसाय करते हैं। हालांकि कम आय वाले लोगों को कुछ राज्यों में छूट मिलती है।
क्या प्रोफेशनल टैक्स CTC का हिस्सा है?
नहीं। प्रोफेशनल टैक्स आपकी CTC का हिस्सा नहीं होता।
यह आपकी सैलरी से कटने वाला डिडक्शन है, जिससे आपकी टेक-होम सैलरी थोड़ी कम हो जाती है।
इनकम टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स में अंतर
| आधार | इनकम टैक्स | प्रोफेशनल टैक्स |
|---|---|---|
| कौन लेता है | केंद्र सरकार | राज्य सरकार |
| किस पर लगता है | सालाना आय पर | नौकरी/पेशे/व्यापार से कमाई पर |
| दर | टैक्स स्लैब के अनुसार | राज्य के नियम के अनुसार |
| अधिकतम सीमा | कोई सीमा नहीं | 2,500 रुपये सालाना |
इनकम टैक्स आपकी कुल आय पर लगता है और आपकी आय बढ़ने के साथ टैक्स भी बढ़ता है।
वहीं प्रोफेशनल टैक्स की एक तय अधिकतम सीमा होती है।
निष्कर्ष
प्रोफेशनल टैक्स छोटा लेकिन महत्वपूर्ण टैक्स है। जिन राज्यों में यह लागू है, वहां नौकरीपेशा और व्यवसायी लोगों को इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे अपनी वित्तीय योजना सही तरीके से बना सकें।
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