Related Articles
आम आदमी पार्टी (AAP) में चल रही अंदरूनी हलचल अब राजस्थान तक पहुंच गई है। राज्यसभा में Raghav Chadha को उपनेता पद से हटाने के बाद पार्टी में मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच झालावाड़ में हुई बैठक को ‘डैमेज कंट्रोल’ के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों बढ़ी चर्चा?
- राघव चड्ढा को हटाकर उनकी जगह दूसरे नेता को जिम्मेदारी दी गई।
- इस फैसले के बाद पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं होने की बातें सामने आईं।
- कुछ लोग मान रहे हैं कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता भी एक कारण हो सकती है।
झालावाड़ में क्या हुआ?
राजस्थान सह-प्रभारी अशोक भारद्वाज ने बैठक में कहा कि यह बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
लेकिन कार्यकर्ताओं के मन में अभी भी कई सवाल बने हुए हैं।
संगठन मजबूत करने पर फोकस
बैठक में पार्टी ने आगे की रणनीति तय की:
- बूथ स्तर तक संगठन मजबूत किया जाएगा
- कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बढ़ाया जाएगा
- आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी तेज की जाएगी
‘आक्रामक रणनीति’ अपनाने की तैयारी
पार्टी नेताओं ने कहा कि अब राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच अपनी जगह बनाने के लिए AAP ज्यादा सक्रिय और आक्रामक तरीके से काम करेगी।
एकजुटता का संदेश
बैठक के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की गई। साथ ही कहा गया कि पार्टी नेतृत्व के फैसलों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना जरूरी है।
कुल मिलाकर, राघव चड्ढा को हटाने के बाद पार्टी अब राजस्थान में संगठन को मजबूत करने और मतभेदों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
CHANNEL009 Connects India
