Related Articles
राजस्थान में जर्जर और किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को अब पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इसको लेकर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
सरकार का उद्देश्य है कि छोटे बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलें।
इसलिए ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र, जो खराब भवनों में चल रहे हैं या जहां पानी, बिजली और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
साथ ही इन केंद्रों को शाला दर्पण पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा।
11 हजार से ज्यादा केंद्र किराए पर
राज्य में अभी 11,320 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं।
इनमें सबसे ज्यादा केंद्र जयपुर जिले में हैं, जहां कई केंद्र सिर्फ एक कमरे में ही चल रहे हैं।
योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और आंगनबाड़ी केंद्रों को “नंदघर” बनाने जैसी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।
कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
दीया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अगर कार्यकर्ता अच्छी तरह प्रशिक्षित होंगी, तो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
बजट घोषणाओं पर फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की 11 बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इनमें से एक योजना पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी योजनाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा गया है।
CHANNEL009 Connects India
