होर्मुज स्ट्रेट संकट से कतर का गैस निर्यात प्रभावित, भारत समेत कई देशों पर असर की आशंका
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता और गहरा गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर संकट बढ़ने से कतर का गैस निर्यात प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे, तो कतर की अर्थव्यवस्था में करीब 8.6% तक गिरावट आ सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। कतर दुनिया के प्रमुख LNG (Liquefied Natural Gas) निर्यातकों में शामिल है और उसका अधिकांश गैस निर्यात इसी मार्ग से होता है।
भारत पर भी इस संकट का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत अपने LPG और ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। यदि आपूर्ति बाधित होती है, तो घरेलू बाजार में गैस और ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है। इससे तेल और गैस की कीमतों में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है, जिसका असर दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समुद्री सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं।
फिलहाल दुनिया की नजर मध्य पूर्व के हालात और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर टिकी हुई है।
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