चीन ने समुद्र में सुरक्षित उतारा रॉकेट बूस्टर, पहली बार सफल परीक्षण; अंतरिक्ष तकनीक में बड़ी छलांग
channel_009 | Science & Technology News
चीन ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पहली बार एक रॉकेट बूस्टर को समुद्र में सुरक्षित उतारने का सफल परीक्षण किया। इस उपलब्धि को दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट सिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रॉकेट लॉन्च के दौरान बूस्टर शुरुआती चरण में अंतरिक्ष यान को ऊंचाई और गति देता है। इसके बाद सामान्यतः वह समुद्र में गिरकर नष्ट हो जाता है। यदि उसे नियंत्रित तरीके से वापस उतारकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सके, तो लॉन्च की लागत काफी कम हो सकती है और अंतरिक्ष अभियानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
परीक्षण में बूस्टर ने पृथ्वी की ओर लौटते समय अपनी गति और दिशा नियंत्रित की और समुद्र में तय क्षेत्र के पास सुरक्षित लैंडिंग की। समुद्र में लैंडिंग के लिए विशेष प्लेटफॉर्म या रिकवरी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया होगा। अब इंजीनियर बूस्टर की संरचना, इंजन और अन्य उपकरणों की जांच करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसे भविष्य के मिशन में दोबारा उपयोग किया जा सकता है या नहीं।
यह तकनीक सफलतापूर्वक विकसित होने पर चीन को उपग्रह प्रक्षेपण, अंतरिक्ष स्टेशन की आपूर्ति और चंद्र अभियानों में आर्थिक तथा रणनीतिक लाभ मिल सकता है। पुन: उपयोग योग्य रॉकेट के क्षेत्र में अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनियां पहले ही कई सफलताएं हासिल कर चुकी हैं। चीन की यह उपलब्धि अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है।
हालांकि परीक्षण में इस्तेमाल किए गए रॉकेट, लैंडिंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी आंकड़ों की पूरी जानकारी आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
channel_009 निष्कर्ष:
समुद्र में रॉकेट बूस्टर की सुरक्षित वापसी चीन के लिए तकनीकी उपलब्धि है। यदि बूस्टर को दोबारा इस्तेमाल किया गया, तो इससे अंतरिक्ष अभियानों की लागत और तैयारी का समय दोनों कम हो सकते हैं।
आपकी राय क्या है—क्या पुन: उपयोग योग्य रॉकेट तकनीक भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता और आम बना देगी? कमेंट में बताइए।
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