
कैसे काम करती है यह बॉटल?
इस बॉटल में एक फ्लेवर पॉड लगा होता है। जब आप स्ट्रॉ से पानी पीते हैं, तो उस पॉड की खुशबू नाक के जरिए दिमाग तक पहुंचती है। दिमाग खुशबू और सादे पानी को मिलाकर उसे फ्लेवर वाला पानी महसूस करता है। यानी असल में आप सादा पानी ही पी रहे होते हैं, लेकिन स्वाद का एहसास अलग होता है।
इनमें चेरी कोला, बबलगम, हनी पीच और कॉफी जैसे कई फ्लेवर मिलते हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें चीनी या प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए कैलोरी नहीं बढ़ती। यह सोडा या पैकेज्ड जूस से बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि स्ट्रॉ और पॉड को साफ रखना जरूरी है, वरना उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
इन्फ्यूज्ड पानी से कैसे अलग?
अरोमा पानी में सिर्फ खुशबू होती है, पानी में कुछ मिलाया नहीं जाता। जबकि इन्फ्यूज्ड पानी में नींबू, पुदीना या फल डालकर बनाया जाता है, जिससे हल्का स्वाद और कुछ पोषक तत्व भी मिलते हैं।
घर पर कैसे बनाएं?
अगर आप कम खर्च में इसे आजमाना चाहते हैं, तो घर पर भी बना सकते हैं। फूड-ग्रेड एसेंशियल ऑयल की एक बूंद कॉटन पर डालें। उसे फॉयल में लपेटकर छोटे छेद कर दें और बोतल के ढक्कन या स्ट्रॉ के पास लगा दें। फिर बोतल में सादा पानी भरकर पिएं।
Gen Z को क्यों पसंद?
सोशल मीडिया के कारण यह बॉटल ट्रेंड में है। कई युवा मानते हैं कि इससे पानी पीना मजेदार हो जाता है और वे ज्यादा हाइड्रेटेड रहते हैं। हालांकि इसकी कीमत ज्यादा है, इसलिए यह रोजमर्रा के उपयोग से ज्यादा एक प्रीमियम और ट्रेंडी प्रोडक्ट माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह एक स्टाइलिश और दिलचस्प तरीका है पानी पीने का, लेकिन फायदे लगभग सादे पानी जैसे ही हैं।
