पश्चिम एशिया एक गहरे संकट से गुजर रहा है, जहां ईरान और इज़राइल के बीच भीषण संघर्ष तीसरे दिन भी थमा नहीं है। दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे पर मिसाइलें दागीं, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है।
इज़राइल और ईरान दोनों में भारी क्षति
इज़राइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि ईरान की ओर से दागी गई 270 से अधिक मिसाइलों में से 22 ने उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली को चकमा देकर भीतर तक तबाही मचाई। इज़राइल में अब तक 14 नागरिकों की मौत और 390 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है। राजधानी तेल अवीव के पास बैट याम और उत्तरी शहर तमरा में मिसाइल गिरने से बच्चों समेत कई लोग मारे गए हैं।
वहीं, ईरान के विभिन्न शहरों—तेहरान, इस्फहान और मशहद—में हुए इज़राइली हवाई हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है। हालांकि, ईरानी सरकार ने आधिकारिक आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए हैं।
परमाणु और रक्षा ठिकाने बने निशाना
इज़राइल ने रविवार को ईरान के रक्षा मंत्रालय, वायु रक्षा प्रणाली, और परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कई सुविधाओं को निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य जनरल और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इज़राइल की खुफिया एजेंसियों ने ईरान के भीतर गहरी पैठ बना ली है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों की एक और श्रृंखला दागी। फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह हमला IRGC (रिवोल्यूशनरी गार्ड) की ओर से किया गया। हालांकि इज़राइली डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
तेहरान में धमाके और दहशत
रविवार को तेहरान के वली-ए-असर इलाके में जोरदार धमाके हुए। दिन के दूसरे हिस्से में भी राजधानी और अन्य शहरों से विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। ईरानी मीडिया के अनुसार, कुछ मिसाइलें गैस संयंत्रों और रिहायशी टावरों पर गिरीं, जिससे भारी नुकसान हुआ।
कूटनीतिक बयान और चेतावनियां
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि इज़राइल हमले बंद करता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई रोक देगा। वहीं, इज़राइली सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचे अद्राई ने फारसी भाषा में ईरानी नागरिकों को चेतावनी दी कि वे सैन्य कारखानों और हथियार भंडार स्थलों को तुरंत खाली कर दें।
अमेरिका की स्थिति और ट्रंप का बयान
हालांकि अमेरिका इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल को समर्थन देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका पर हमला होता है, तो वह ऐसी प्रतिक्रिया देगा जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान और इज़राइल के बीच मध्यस्थता कर सकता है और इस संघर्ष को खत्म करने की दिशा में पहल कर रहा है।
परमाणु स्थलों पर हमला—एक खतरनाक उदाहरण
संयुक्त राष्ट्र और कई वैश्विक नेताओं ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्री ने परमाणु स्थलों पर हमलों को खतरनाक परंपरा करार दिया है। दूसरी ओर, इज़राइल का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए यह कदम उठा रहा है, जबकि ईरान इस बात से इनकार करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सैन्य उद्देश्य रखता है।
निष्कर्ष
हालात इस वक्त बेहद तनावपूर्ण हैं। मिसाइलों की बारिश और बम धमाकों के बीच, एक ओर जहां जनता भयभीत है, वहीं दूसरी ओर राजनयिक माध्यमों से संघर्ष रोकने की कोशिशें जारी हैं। लेकिन अभी तक दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिखते, जिससे यह संघर्ष किसी भी समय विस्तृत युद्ध में तब्दील हो सकता है।
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