वॉशिंगटन/नई दिल्ली: भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अमेरिका से बड़ा समर्थन मिला है। अमेरिकी कांग्रेसमैन रिची थानेदार ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को न्यायसंगत ठहराते हुए कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ ठोस जवाब देने का हक है, और अमेरिका को ऐसे समय में भारत का साथ देना चाहिए।
कांग्रेसमैन थानेदार का बयान: आतंक के खिलाफ भारत का जवाब उचित
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य थानेदार ने कहा, “पहलगाम में हुए हमले के बाद यह भारत का अधिकार है कि वह खुद की रक्षा करे। आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों को सिर्फ उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया। भारत ने अब उन आतंकी ढांचों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका को भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता देनी चाहिए और इस घटना की गहराई से जांच को भी समर्थन देना चाहिए।”
भारत का जवाब: 30 आतंकी मारे गए, 9 ठिकाने तबाह
भारतीय सेना ने हाल ही में पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी अड्डों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें लगभग 30 आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना है। इन ठिकानों में मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, सियालकोट और कोटली जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया।
भारतीय दूतावास का वाशिंगटन में बयान
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान गई। भारत के पास पुख्ता तकनीकी सबूत, चश्मदीदों की गवाही और अन्य जानकारी है जो पाकिस्तान स्थित आतंकियों की भूमिका को साफ तौर पर दर्शाती है।”
दूतावास ने कहा, “जहां दुनिया को उम्मीद थी कि पाकिस्तान जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाएगा, वहीं उसने जवाबदेही से भागते हुए भारत पर झूठे आरोप लगाए और सच से मुंह मोड़ लिया।”
डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हमने इस हमले की खबर ओवल ऑफिस में प्रवेश करते ही सुनी। यह संघर्ष नया नहीं है, बल्कि सदियों पुराना है। उम्मीद करता हूँ कि यह विवाद जल्द समाप्त होगा।”
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