वाशिंगटन/लखनऊ – भारत के लिए एक और ऐतिहासिक क्षण करीब है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और इसरो के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। वह आगामी 10 जून 2025 को स्पेसएक्स के ड्रैगन यान में सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना होंगे। स्पेसएक्स ने हाल ही में इस यान की पहली झलक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की है।
ड्रैगन यान और मिशन की रूपरेखा
इस मिशन का संचालन Axiom Space कर रही है और इसे Axiom Mission 4 (Ax-4) नाम दिया गया है। इसमें अमेरिका, भारत, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री हिस्सा लेंगे। पूरी तरह स्वचालित ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। यान चार यात्रियों को ISS तक पहुंचाएगा और फिर धरती पर सुरक्षित लौट आएगा।
शुभांशु शुक्ला इस मिशन में बतौर पायलट शामिल हैं और लॉन्च तथा डॉकिंग के अहम चरणों की निगरानी करेंगे। इस जिम्मेदारी के लिए उन्हें स्पेसएक्स और Axiom की ओर से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण मिला है।
शुभांशु शुक्ला: जज़्बे और जुनून की कहानी
10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में जन्मे शुभांशु ने सिटी मोंटेसरी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। 1999 के कारगिल युद्ध से प्रेरणा लेकर उन्होंने NDA की राह चुनी और 2005 में पासआउट होकर 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया।
एयरफोर्स में उड़ानों का लंबा अनुभव
शुभांशु एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं और उनके नाम 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar जैसे फाइटर जेट्स उड़ाए हैं। 2019 में वह विंग कमांडर और 2024 में ग्रुप कैप्टन बने।
गगनयान से अंतरराष्ट्रीय मिशन तक
2019 में उन्हें गगनयान मिशन के लिए इसरो ने चुना। इसके बाद उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठोर प्रशिक्षण लिया। 2024 में उन्हें गगनयान मिशन के लिए आधिकारिक तौर पर नामित किया गया।
अब, शुभांशु शुक्ला न सिर्फ गगनयान के लिए भारत की उम्मीद हैं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मिशन के पायलट के तौर पर भी भारत का परचम अंतरिक्ष में फहराने जा रहे हैं। यह पल न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण है।
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