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अगर अयातुल्ला खामेनेई को कुछ हुआ तो कौन बनेगा ईरान का अगला सर्वोच्च नेता? ट्रंप की धमकी के बाद अटकलें तेज़

तेहरान: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाते हुए कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका को खामेनेई की सटीक लोकेशन की जानकारी है और अगर ईरान ने सरेंडर नहीं किया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस धमकी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि अगर खामेनेई को कुछ हो गया, तो ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा?


कौन हैं संभावित उत्तराधिकारी?

अगर ईरान को नए सर्वोच्च नेता की आवश्यकता पड़ी, तो कई नाम चर्चा में हैं। इनमें कुछ धार्मिक और राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली हस्तियाँ शामिल हैं:

1. मोजतबा खामेनेई

खुद अली खामेनेई के बेटे हैं और शक्तिशाली धार्मिक प्रतिष्ठानों तथा आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) से गहरे संबंध रखते हैं। वे पर्दे के पीछे से काफी प्रभावशाली माने जाते हैं और एक मौलवी के रूप में उनकी धार्मिक स्थिति भी मजबूत है।

2. अलीरज़ा आरफी

खामेनेई के करीबी और ईरान की गार्जियन काउंसिल तथा विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) के वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्हें जनता और धर्मगुरुओं के बीच सम्मान प्राप्त है और उनका नाम अक्सर संभावित उत्तराधिकारियों में लिया जाता है।

3. अली असगर हेज़ाज़ी

विदेशी मामलों और सुरक्षा नीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खामेनेई तक सीधी पहुँच है और रणनीतिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।

4. ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी

पूर्व इंटेलिजेंस मंत्री और अटॉर्नी जनरल के रूप में सेवा दे चुके हैं। न्यायिक और सुरक्षा अनुभव के चलते वह भी उत्तराधिकार की दौड़ में माने जा रहे हैं।

5. मोहम्मद गोलपाएगानी

लंबे समय से खामेनेई के कार्यालय में सेवा दे रहे हैं और उन्हें अंदरूनी व्यवस्था की गहरी समझ है।

अन्य प्रमुख नाम:

  • अली अकबर वेलायती (पूर्व विदेश मंत्री)

  • कमाल खराज़ी (वरिष्ठ राजनयिक)

  • अली लारीजानी (पूर्व संसद अध्यक्ष)


सुप्रीम लीडर बनने की योग्यताएँ

  • धार्मिक पदवी “अयातुल्ला” होना अनिवार्य है।

  • मजबूत धार्मिक पहचान के साथ-साथ राजनीतिक अनुभव भी जरूरी है।

  • सुप्रीम लीडर ईरान की राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी होता है।

  • उनके आदेश राष्ट्रपति, संसद और न्यायपालिका से ऊपर माने जाते हैं।

  • उनका निर्णय अंतिम होता है और उसे चुनौती नहीं दी जा सकती।


चयन की प्रक्रिया

  • सर्वोच्च नेता की मृत्यु या इस्तीफे के बाद “Assembly of Experts” द्वारा नया नेता चुना जाता है।

  • यह संस्था 88 वरिष्ठ मौलवियों से बनी होती है, जिनका कार्यकाल 8 वर्षों का होता है।

  • चयन प्रक्रिया गोपनीय होती है और आम सहमति की कोशिश की जाती है।

  • चुनाव के लिए कम से कम 45 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है।


खामेनेई का जीवन परिचय

अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल, 1939 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। उनके पूर्वज भारत के लखनऊ स्थित किंतूर गाँव से ताल्लुक रखते थे। वे शिया धर्मशास्त्र के गहरे जानकार हैं और 1979 की इस्लामी क्रांति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। 1981 से 1989 तक राष्ट्रपति रहे और 1989 में अयातुल्ला खोमैनी की मृत्यु के बाद उन्हें नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।


पारिवारिक पृष्ठभूमि

  • खामेनेई का विवाह मंसौरेह खोजेस्तेह से हुआ है।

  • उनके बेटे मोजतबा को अगला संभावित नेता माना जा रहा है।

  • उनके अन्य परिवारजन भी धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।

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