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सलखन फॉसिल्स पार्क को यूनेस्को से बड़ी मान्यता, 1.4 अरब साल पुराने जीवन के निशान को मिली पहचान

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश):
भारत के सोनभद्र जिले में स्थित सलखन फॉसिल्स पार्क को यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह पार्क 1.4 अरब साल पुराने जीवाश्मों का खजाना है।

क्या है खास सलखन फॉसिल्स पार्क में?

  • यह पार्क प्री-कैंब्रियन युग के जीवाश्मों से भरा है, यानी जब धरती पर जीवन की शुरुआत हो रही थी।

  • वैज्ञानिकों के अनुसार, उस समय जीवन सिर्फ समुद्र की गहराइयों में था और यही जीवन के सबसे पुराने निशान हैं।

  • यह पार्क उत्तर प्रदेश के ओबरा वन प्रभाग में आता है और करीब 25 एकड़ में फैला हुआ है।

  • इसे 2001 में GSI (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) ने खोजा था और वन विभाग ने इसे संरक्षित क्षेत्र बनाया।

यूनेस्को की सूची में कैसे आया?

  • भारत सरकार ने यूनेस्को को 63 स्थलों का प्रस्ताव भेजा था, जिनमें सलखन फॉसिल्स पार्क भी शामिल है।

  • अगर आगे की प्रक्रिया सफल रही तो भारत को 43 नई विश्व धरोहर साइट्स मिल सकती हैं।

  • फिलहाल भारत में 42 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं।

क्या फायदा होगा?

  1. भारत को वैश्विक पहचान मिलेगी – खासतौर पर सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में।

  2. सोनभद्र जैसे पिछड़े इलाके में पर्यटन बढ़ेगा।

  3. स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।

  4. वैज्ञानिक रिसर्च और जीवाश्म संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष:

सलखन फॉसिल्स पार्क को मिली यह मान्यता सिर्फ सोनभद्र ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। अब उम्मीद की जा रही है कि यह पार्क जल्द ही यूनेस्को की आधिकारिक विश्व धरोहर सूची में शामिल होगा, जिससे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती है।

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