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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती अब खुद करने का निर्णय लिया है। पहले यह काम प्राइवेट एजेंसियों के जरिए होता था, लेकिन अब भर्ती सरकार के सीधे नियंत्रण में होगी। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कर्मचारियों को ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी।
नई व्यवस्था के तहत क्या मिलेगा?
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वेतन: हर महीने ₹16,000 से ₹20,000 तक मानदेय मिलेगा।
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सीधी सैलरी: सैलरी हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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PF और ESIC: सभी कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) की सुविधा दी जाएगी।
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महिलाओं के लिए: महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) भी मिलेगा।
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भर्ती प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए पारदर्शी तरीके से भर्ती की जाएगी।
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नियुक्ति अवधि: कर्मचारी को 3 साल के लिए नौकरी मिलेगी, उसके बाद नवीनीकरण (रिन्युअल) किया जाएगा।
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स्थायी पदों पर नहीं होगी भर्ती: यह भर्ती सिर्फ आउटसोर्स पदों के लिए होगी, स्थायी पद इससे प्रभावित नहीं होंगे।
पहले क्या होता था?
पहले विभागों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर टेंडर निकालना पड़ता था। टेंडर जीतने वाली एजेंसी सेवायोजन पोर्टल से उम्मीदवार बुलाती थी। फिर रेंडम तरीके से तीन उम्मीदवार चुने जाते थे और इंटरव्यू होता था। इसमें दो सरकारी और दो कंपनी के अफसर शामिल होते थे। कुछ पदों के लिए लिखित परीक्षा भी होती थी।
अब क्या बदलेगा?
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अब यह पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा नियंत्रित होगी।
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भर्ती ज्यादा पारदर्शी और आसान होगी।
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कर्मचारियों को सुरक्षा और सुविधाएं ज्यादा मिलेंगी।
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पहले से काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी भी सुरक्षित रहेंगे, उन्हें नई व्यवस्था के तहत दोबारा शामिल किया जाएगा।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश सरकार की यह नई पहल बेरोजगारों के लिए नए अवसर लेकर आई है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उन्हें भविष्य की सुरक्षा और सरकारी लाभ भी मिलेंगे।
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