Related Articles
channel_009
अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में आसान नहीं मिलेगा अब ‘A’ ग्रेड
हार्वर्ड समेत कई संस्थानों में सख्ती की तैयारी, सिर्फ टॉप 20% छात्रों को ही मिलेगा सर्वोच्च ग्रेड
अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज अब छात्रों की ग्रेडिंग प्रणाली को और सख्त बनाने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई बड़े संस्थानों ने शैक्षणिक मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि “A” ग्रेड को पहले जितना आसान न रखा जाए।
जानकारी के अनुसार, हार्वर्ड में अब केवल लगभग 20% छात्रों को ही ‘A’ ग्रेड दिए जाने की नीति पर जोर दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में छात्रों को टॉप ग्रेड मिलते रहेंगे, तो असाधारण प्रतिभा और औसत प्रदर्शन के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी विश्वविद्यालयों में “ग्रेड इन्फ्लेशन” यानी जरूरत से ज्यादा अच्छे अंक देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इसका असर यह हुआ कि कई संस्थानों में अधिकांश छात्र उच्च ग्रेड हासिल करने लगे, जिससे मूल्यांकन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे।
अब यूनिवर्सिटीज अगले तीन वर्षों तक इस नई प्रणाली की समीक्षा करेंगी। इसके तहत यह देखा जाएगा कि सख्त ग्रेडिंग से छात्रों की पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव पर क्या प्रभाव पड़ता है।
हार्वर्ड प्रशासन का तर्क है कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे अंक बांटना नहीं, बल्कि वास्तव में असाधारण और मेहनती छात्रों की पहचान करना है। इसी वजह से अब ग्रेडिंग में गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि, इस फैसले को लेकर छात्रों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ छात्र इसे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि इससे छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बढ़ सकता है।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से चर्चा में है। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या ज्यादा सख्त ग्रेडिंग से छात्रों का आत्मविश्वास प्रभावित होगा, या फिर इससे शिक्षा व्यवस्था और मजबूत बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दुनिया के अन्य बड़े शिक्षण संस्थान भी इसी तरह की नीतियों पर विचार कर सकते हैं।
Categories:
- Education
- International
- Career News
CHANNEL009 Connects India
