नई दिल्ली | 25 जून 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वह चीन के चिंगदाओ में होने जा रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत की शांति और सुरक्षा संबंधी सोच को प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हैं। दो दिवसीय यह बैठक 25 और 26 जून को आयोजित हो रही है, जहां सदस्य देश क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
✈️ चीन रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह का संदेश
राजनाथ सिंह ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“आज, 25 जून को मैं चीन के चिंगदाओ शहर के लिए रवाना हो रहा हूं, जहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लूंगा। मुझे विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। भारत की वैश्विक शांति और सुरक्षा की सोच प्रस्तुत करने और आतंकवाद के समूल नाश के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता को उजागर करने का अवसर रहेगा।”
🇮🇳 पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर कड़ा संदेश
राजनाथ सिंह इस मंच से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ कड़ी चेतावनी देने और SCO देशों से समन्वित प्रयासों की मांग करने वाले हैं।
उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर लक्षित हवाई हमले किए थे। ये हमले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए थे।
🛡️ रक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और व्यापार पर चर्चा
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यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि मई 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य संघर्ष के बाद यह किसी भारतीय केंद्रीय मंत्री की पहली चीन यात्रा है।
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रक्षा मंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी चीन में हैं, जहां वह SCO की सुरक्षा प्रमुखों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
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बैठक में राजनाथ सिंह SCO के संप्रभुता, आपसी सम्मान, गैर-हस्तक्षेप और क्षेत्रीय अखंडता जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराएंगे।
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वह आतंकवाद और चरमपंथ के विरुद्ध साझा, सतत और समन्वित रणनीति की जरूरत पर भी बल देंगे।
🤝 द्विपक्षीय वार्ताएं भी संभावित
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री की रूस और चीन समेत अन्य सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों से द्विपक्षीय मुलाकातें भी प्रस्तावित हैं। भारत, SCO को बहुपक्षीय सहयोग, राजनीतिक संवाद, आर्थिक साझेदारी और जनसंपर्क संबंधों को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण मंच मानता है।
🇮🇳–🇨🇳 संबंधों में बदलाव की उम्मीद
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बाद संबंधों में तनाव रहा है, हालांकि दिसंबर 2024 में NSA डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत और 2023 में मोदी-शी जिनपिंग की बैठक के बाद विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने पर सहमति बनी।
🔚 निष्कर्ष
भारत SCO मंच का उपयोग वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध साझा नीति और क्षेत्रीय स्थायित्व के लिए एक नई दिशा देने के रूप में कर रहा है। राजनाथ सिंह की यह यात्रा ना केवल राजनयिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाती है कि भारत, रणनीतिक मोर्चों पर अब और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
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