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जोधपुर। साल 2013 के सूरत रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से तीन महीने की अंतरिम जमानत मिल गई है।
कैसे मिला जमानत का फैसला?
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पहले गुजरात हाईकोर्ट की दो जजों की खंडपीठ ने अलग-अलग फैसले दिए।
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जस्टिस इलेश जे. वोरा ने जमानत मंजूर की।
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जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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फैसला खंडित होने के कारण मामला तीसरे जज को सौंपा गया।
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जस्टिस ए. एस. सुपेहिया ने जमानत मंजूर कर दी।
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2-1 के बहुमत से फैसला हुआ और आसाराम को तीन महीने की राहत मिली।
क्यों मिली जमानत?
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आसाराम के वकील ने मेडिकल कारणों का हवाला दिया।
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उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने 90 दिन की पंचकर्म थेरेपी की सलाह दी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने भी जनवरी में मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक की जमानत दी थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि 86 वर्षीय व्यक्ति को एक ही इलाज तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
निष्कर्ष
गुजरात हाईकोर्ट ने मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आसाराम को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी है।
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