क्रिकेट दुनिया का सबसे मशहूर खेल है। खासकर भारत में तो यह खेल लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। अगर आप भारत के किसी भी शहर, कस्बे या गांव में निकलेंगे तो आपको हर गली, मैदान और पार्क में क्रिकेट खेलते हुए लोग जरूर दिख जाएंगे। छोटे बच्चे हों या बड़े, सभी इस खेल का मजा लेते हैं।
गली क्रिकेट में खिलाड़ी खुद ही अपने हिसाब से नियम बना लेते हैं – जैसे कितने ओवर का मैच होगा, कैच आउट माना जाएगा या नहीं, और पिच की दूरी कितनी होगी। वहीं दूसरी ओर, जब बात इंटरनेशनल क्रिकेट की आती है तो उसके नियम पहले से ही तय होते हैं। इनमें सबसे अहम नियम पिच की लंबाई और चौड़ाई को लेकर होता है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में पिच की लंबाई बिल्कुल तय होती है। इसकी लंबाई 22 गज यानी 20.12 मीटर (66 फीट) रखी गई है। यही वह दूरी है, जो गेंदबाज के हाथ से गेंद निकलने और बल्लेबाज तक पहुंचने के बीच का सही फासला तय करती है।
- पिच की लंबाई – 22 गज (20.12 मीटर / 66 फीट)
- पिच की चौड़ाई – 10 फीट (3.05 मीटर)
इसी पिच के अंदर बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच मुकाबला होता है। अगर गेंद पिच के बाहर गिरती है, तो उसे डेड बॉल माना जाता है।
आईसीसी (ICC) यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने पिच पर क्रीज की सही मार्किंग भी अनिवार्य कर रखी है। पिच के दोनों छोर पर तीन तरह की क्रीज होती हैं –
1. बॉलिंग क्रीज – जहां से गेंदबाज को गेंद डालनी होती है।
2. पॉपिंग क्रीज – बल्लेबाज के लिए सुरक्षित क्षेत्र, यहां तक पहुंचने पर वह रन आउट नहीं होता।
3. रिटर्न क्रीज – गेंदबाज की रन-अप सीमा, इसके बाहर पैर जाने पर नो-बॉल दी जाती है।
इन्हीं क्रीज की मदद से स्टंपिंग, रन आउट या नो-बॉल जैसे फैसले लिए जाते हैं।
गली क्रिकेट में पिच की कोई तय लंबाई नहीं होती। वहां खिलाड़ी अक्सर अंदाजे से पिच बना लेते हैं। कई बार एक खिलाड़ी 15–20 कदम गिनकर पिच की दूरी तय कर देता है और खेल शुरू हो जाता है गली क्रिकेट में जगह छोटी होती है और खिलाड़ी कम होते हैं, इसलिए वहां के नियम भी खिलाड़ियों की सुविधा के हिसाब से बनाए जाते हैं। कभी पिच छोटी होती है, तो कभी चौड़ी। वहीं कभी-कभी सड़क के बीच या पार्क के कोने में भी पिच बना दी जाती है।
इसी वजह से गली क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज को वैसी चुनौती नहीं मिलती जैसी इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलती है। लेकिन मजा गली क्रिकेट का ही अलग है – वहां दोस्तों के साथ खेलना, मजाक करना और अपनी शर्तों पर मैच खेलना ही उसकी खासियत है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में हर नियम सख्ती से लागू होता है और पूरी दुनिया में वही नियम अपनाए जाते हैं। वहीं गली क्रिकेट मजेदार और लचीला होता है, जहां नियम खिलाड़ी और जगह के हिसाब से बदल जाते हैं। यही कारण है कि गली क्रिकेट और इंटरनेशनल क्रिकेट दोनों का अपना-अपना अलग मजा है।
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