मध्य पूर्व में हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने तीसरे दिन और भी विकराल रूप ले लिया है। दोनों देशों के बीच सैन्य और सामरिक ठिकानों पर जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है, और अब परमाणु ठिकानों को लेकर खतरे की आशंका गंभीर हो चुकी है।
ईरान ने फिर किया बड़ा हमला, नागरिक इलाकों को भी बनाया निशाना
ईरान ने बीते 48 घंटों में दूसरी बार इजराइल पर व्यापक मिसाइल हमला किया है। इस बार न केवल सैन्य केंद्र बल्कि रिहायशी क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। राजधानी तेल अवीव, हाइफा और इलात समेत कई शहरों में मिसाइलें गिरीं, जिससे बस्तियों में तबाही और लोगों में दहशत फैल गई।
तेहरान की ओर से 200 से अधिक मिसाइलें और 100 से अधिक ड्रोन हमले किए गए। इजराइल की वायु सुरक्षा प्रणाली सक्रिय रही, फिर भी कई मिसाइलें सुरक्षा कवच को चकमा देने में सफल रहीं।
डिमोना न्यूक्लियर फैसिलिटी पर नजरें
ईरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इजराइल का डिमोना न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर उसका अगला लक्ष्य हो सकता है। यह अत्यंत गोपनीय और सुरक्षित सुविधा नेगेव रेगिस्तान के नीचे बनी हुई है। बताया जाता है कि यह छह अंडरग्राउंड लेवल्स में फैला हुआ है, और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद संभालती है। यहां पर प्लूटोनियम संवर्धन से लेकर थर्मोन्यूक्लियर हथियारों का विकास होता है।
इस परिसर को बचाने के लिए आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और THAAD जैसे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं।
इजराइली जवाब: “ईरान को छीलकर रख देंगे”
ईरान के हमलों के जवाब में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को उसकी आक्रामकता का जवाब दिया जाएगा।
रक्षा मंत्री योआव गैलांट और इस्राइल काट्ज ने कहा कि ईरान को “सांप की खाल की तरह उतारकर रख देंगे”। उनका कहना था कि ईरान के परमाणु और सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
ईरान की मिसाइल शक्ति: अब पीछे नहीं हटेगा तेहरान
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास लगभग 10,000 बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। हाल के हमलों में उसने 2,000 किमी रेंज वाली सेजिल, खैबर, और फतह मिसाइलों का उपयोग किया। इसके अलावा उसके पास शाहेद ड्रोन और 100,000 प्रशिक्षित लड़ाकों की एक तैयार फोर्स है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है, “तुम एक मारोगे, हम सौ मारेंगे।”
रूस से मिला रक्षा कवच बना ढाल
ईरान के खिलाफ इजराइली हमलों को रोकने में रूसी S-400 डिफेंस सिस्टम की भूमिका भी सामने आई है। ईरान ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ पनडुब्बियों से लॉन्च होने वाले हथियारों का भी उपयोग किया है।
रात 11 बजे से शुरू हुए हमले आधी रात तक जारी रहे और दिन निकलते ही इजराइल में बर्बादी के दृश्य सामने आए। कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
नया मोर्चा: हूती विद्रोहियों की भागीदारी
यमन से हूती समूहों ने भी इलात पर हमले किए, जिससे यह संघर्ष और अधिक जटिल हो गया है। अब यह केवल इजराइल और ईरान के बीच की जंग नहीं रही, बल्कि पूरे क्षेत्र को घेर रही है।
निष्कर्ष: क्या परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहा है मध्य पूर्व?
अब जब डिमोना और अन्य परमाणु सुविधाएं टारगेट पर हैं, यह युद्ध किसी भी क्षण गंभीर रूप ले सकता है। दोनों देशों की सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी पल बड़ा हमला हो सकता है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि हमले रुकेंगे नहीं, और इजराइल का इरादा भी पीछे हटने का नहीं।
CHANNEL009 Connects India
